
नई दिल्ली । रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) ने कहा कि देशभर में रेलवे स्टेशनों पर (On Railway Stations across the Country) “टैंक टू टैप” फिल्टरेशन सिस्टम (“Tank-to-Tap” Filtration System) लागू किया जाएगा (Will be Implemented) ।
कैग की रिपोर्ट के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देशभर में रेलवे स्टेशनों पर पीने के पानी की व्यवस्था में बड़े बदलाव का आदेश दिया है। इसके तहत अब लगभग 20,000 जगहों पर “टैंक टू टैप” फिल्टरेशन और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। कैग की ऑडिट रिपोर्ट में कई स्टेशनों पर पीने के पानी की सुविधाओं में गंदगी के जोखिम और कमियों की ओर इशारा किया गया था। इस पहल में पानी की आपूर्ति की पूरी चेन शामिल होगी। इसके तहत रेलवे पुराने पानी के टैंकों को बदलने, सोर्स और आउटलेट पॉइंट पर नियमित टेस्टिंग करने और टैंकों की तय समय पर सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है। पानी की क्वालिटी से जुड़ी समस्याओं का समय पर पता लगाने और उन्हें हल करने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा।
यह कदम 512 गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों के कैग ऑडिट के बाद उठाया गया है, जिसमें पीने के पानी, साफ-सफाई और यात्रियों के लिए जरूरी दूसरी सुविधाओं में बड़ी कमियां पाई गई थीं। ऑडिट में आठ स्टेशनों कोयंबटूर, पलक्कड़ जंक्शन, हैदराबाद, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, भिवंडी रोड, कल्याण, लोनावला और मधुपुर पर वॉटर-कूलर के पानी के सैंपल में ई. कोलाई बैक्टीरिया पाया गया। प्लेटफॉर्म पर लगे नल के पानी के सैंपल में भी टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिला। 2022-23 में 49 स्टेशनों और 2023-24 में 56 स्टेशनों पर पानी में गंदगी पाई गई।
कैग की रिपोर्ट में पाया गया कि 512 में से 458 स्टेशन (करीब 89 प्रतिशत से ज्यादा) जरूरी सुविधाओं के स्टैंडर्ड पर खरे नहीं उतरे। कमियों में 201 स्टेशनों पर टॉयलेट की अपर्याप्त सुविधा, 403 स्टेशनों पर यूरिनल और 2,035 जगहों पर पीने के पानी के नल की कमी शामिल थी। सीएसएमटी, हावड़ा, सियालदह, नई दिल्ली और मुंबई सेंट्रल जैसे कुछ बड़े एनएसजी-1 स्टेशनों पर भी यात्रियों के लिए कुछ बुनियादी सुविधाओं की कमी पाई गई।
रेलवे बोर्ड “टैंक टू टैप” प्रोग्राम के लागू होने की निगरानी करेगा और समय-समय पर पानी की क्वालिटी और प्रोग्रेस रिपोर्ट जारी करेगा। इस कदम का मकसद जवाबदेही बढ़ाना और यह पक्का करना है कि यात्रियों को मिलने वाला पानी सोर्स से लेकर इस्तेमाल की जगह तक सुरक्षित रहे। कैग ने पानी की सप्लाई के इंस्पेक्शन प्रोसेस का सख्ती से पालन करने और ‘यूनिफॉर्म ड्रिंकिंग वॉटर क्वालिटी प्रोटोकॉल’ के तहत पूरी टेस्टिंग करने की सलाह दी है।
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