
नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण (Union Finance Minister Nirmala Sitaraman) ने कहा कि अब करदाता को अपराधी की नजर से नहीं देखा जाएगा (Taxpayers will no longer be viewed as Criminals) । इसके जरिए सरकार की कोशिश देश में भरोसा आधारित टैक्स संरचना विकसित करना है।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि एक अप्रैल से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत अगर किसी की आय में कोई गड़बड़ी मिलती है या अनजाने में टैक्स छिपाया जाता है तो सजा की बजाय केवल जुर्माना भरना होगा। इसके अलावा, जिन लोगों की विदेशों में अघोषित संपत्ति है, उन्हें सरकार अपनी गलती सुधारने के लिए 6 महीने का विशेष समय देगी। वह लोग एक खास प्रकटीकरण स्कीम के तहत अपनी संपत्ति की जानकारी देकर कानूनी दांवपेचों से बच सकते हैं।
वित्त मंत्री ने अपने बजट 2026-27 भाषण में कहा,“छोटे अपराधों पर केवल जुर्माना लगेगा। शेष अभियोगों को अपराध की गंभीरता के अनुरूप वर्गीकृत किया जाएगा। इनमें केवल साधारण कारावास होगा, अधिकतम कारावास घटाकर दो वर्ष कर दिया गया है, और न्यायालयों के पास इन्हें भी जुर्माने में बदलने का अधिकार होगा।” वित्त मंत्री के कहा, प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील की अवधि के लिए करदाता पर जुर्माने की राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा, चाहे अपील प्रक्रिया का परिणाम कुछ भी हो। इसके अलावा, अग्रिम भुगतान की राशि को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जा रहा है और इसकी गणना केवल मूल कर मांग पर ही की जाएगी।
इसके अलावा, वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) में बड़ी राहत दी है। अब आईटीआर में गलती होने पर इसे सुधारना आसान हो है और इसके लिए सरकार ने अतिरिक्त समय देने का ऐलान किया है। अब करदाता मामूली फीस देर रिटर्न अपडेट कर सकेंगे। सरकार ने प्रॉपर्टी खरीदने को भी आसान बना दिया है। अगर आप किसी एनआरआई से घर या जमीन खरीदते हैं तो पहले की तरह टैन नंबर की कठिन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और बिना टैन के भी टीडीएस कट सकेगा। वहीं, अब छोटे करदाताओं को निल टीडीएस के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे और पूरी प्रक्रिया अब ऑटोमैटिक और डिजिटल हो जाएगी।
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