
नई दिल्ली. कर्नाटक (Karnataka) की राजनीति में इन दिनों एक स्टिंग ऑपरेशन (Sting operation) की चर्चा है। दावा किया जा रहा है कि यह पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) से जुड़ा है। पूर्व सीएम के साथ-साथ शिवकुमार (Shivakumar) कैबिनेट में मंत्री उनके बेटे यतींद्र ने खुलकर इसे फर्जी बताया है। उनका कहना है कि छवि खराब करने के लिए इसे जानबूझकर तैयार किया गया था। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि 2023 में ‘पावर टीवी’ के एमडी राकेश शेट्टी द्वारा बनाए गए इस कथित स्टिंग वीडियो के पीछे कुछ कांग्रेस नेताओं का भी हाथ हो सकता है।
शिवकुमार के करीबी माने जाने वाले राकेश शेट्टी को बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत से अंतरिम जमानत मिल गई है। वहीं, यतींद्र ने आरोप लगाया है कि कुछ कांग्रेसी लोग शेट्टी के साथ मिले हुए थे। उन्होंने एक महिला कांग्रेस कार्यकर्ता की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि वह 2023 के विधानसभा चुनावों में पुत्तूर सीट से पार्टी का टिकट चाहती थी।
यतींद्र ने बताया कि उनके पिता इस घटना से काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा, “40 साल के सार्वजनिक जीवन में उन पर कभी कोई दाग नहीं लगा और अब उनके राजनीतिक करियर के अंतिम पड़ाव पर ऐसा हुआ है। वे इससे परेशान हैं। लेकिन सच हमारे साथ है और जो भी आरोप लगाए गए हैं जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।”
कांग्रेस में असंतोष का फायदा उठाने की कोशिश
विपक्षी दल भाजपा और उसके सहयोगी जेडीएस ने इस स्टिंग वीडियो विवाद का फायदा उठाने की कोशिश की है। जेडीएस नेता केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने हाल ही में कहा, “सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री के पद से हटाने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। इसके पीछे जो लोग थे उन्होंने कांग्रेस आलाकमान को भी गुमराह किया।” उन्होंने शिवकुमार को कर्नाटक का “स्टिंग किंग” करार दिया।
कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना
कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया का समर्थन करते हुए उनसे कहा है कि वे इस मामले पर खुलकर बोलें, ताकि अफवाहों और इशारों के जरिए उनकी छवि खराब होने से रोकी जा सके। इसपर सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कहा, “कोई किसी के साथ खड़ा नहीं है। मुझे किसी के समर्थन की जरूरत नहीं है। जनता और पूरे राज्य को सच पता होना चाहिए। मुझे जांच प्रक्रिया पर भरोसा है और जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। मेरी बस यही मांग है कि सच सामने आए। हमें पता चलना चाहिए कि इस साजिश के पीछे कौन है।”
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कुमारस्वामी ने दावा किया है कि 6 अक्टूबर को सिद्धारमैया द्वारा बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने JDS की सोशल मीडिया यूनिट के दो कर्मचारियों शंकर और मोहन से पूछताछ शुरू कर दी है। पिछले हफ्ते कुमारस्वामी ने बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर और कर्नाटक के DGP के कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राकेश शेट्टी की गिरफ्तारी की मांग की।
सिद्धारमैया ने भी दर्ज कराई शिकायत
6 अक्टूबर को सिद्धारमैया द्वारा कराई गई शिकायत में कर्नाटक हनी ट्रैप चैनल के अज्ञात निर्माताओं को आरोपी बनाया गया है। सिद्धारमैया की शिकायत पर दर्ज FIR में कहा गया है, “27-09-2026 को कुछ अज्ञात लोगों ने यूट्यूब चैनल पर झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाए। उन्होंने गुप्त रूप से एक वीडियो रिकॉर्ड किया, उसे यूट्यूब पर पब्लिश किया और सार्वजनिक रूप से फैला दिया। इससे सामाजिक प्रतिष्ठा और जीवन को नुकसान पहुंचा है। जिन लोगों ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से यह वीडियो बनाया और यूट्यूब पर फैलाया, उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए।”
13 अक्टूबर को बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत ने सिद्धारमैया की याचिका पर इस फर्जी स्टिंग वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन पर अंतरिम रोक लगा दी।
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