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50 साल पुरानी हॉरर फिल्म द एक्सॉर्सिस्ट ने रचा इतिहास, 9 ऑस्कर नामांकन में जीते दो पुरस्कार और IMDb पर 8.1 रेटिंग

August 22, 2026

नई दिल्ली ।हॉरर फिल्मों (Horror Films) की दुनिया में कुछ ऐसी फिल्में हैं, जिनका प्रभाव रिलीज के कई दशक बाद भी दर्शकों के बीच बना रहता है। द एक्सॉर्सिस्ट (The Exorcist) ऐसी ही फिल्मों में शामिल है। वर्ष 1973 में रिलीज हुई इस हॉरर फिल्म (Horror Film) ने अपने दौर में दर्शकों को डराने के साथ-साथ फिल्म जगत (Film Industry) में भी बड़ी पहचान बनाई। लगभग पांच दशक से अधिक समय बाद भी इसे हॉरर सिनेमा (Horror Cinema) की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना जाता है।

विलियम फ्राइडकिन के निर्देशन में बनी द एक्सॉर्सिस्ट की कहानी एक 12 वर्षीय लड़की रेगन के इर्द-गिर्द घूमती है। रेगन अपनी मां के साथ एक बड़े घर में रहती है। कहानी में एक रहस्यमय बोर्ड के जरिए आत्माओं से संपर्क करने की कोशिश के बाद परिस्थितियां तेजी से बदलती हैं और लड़की के व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखाई देने लगते हैं।

इसके बाद उसकी मां अपनी बेटी को बचाने के लिए मदद तलाशती है। फिल्म में आगे धार्मिक अनुष्ठानों और डरावनी घटनाओं का सिलसिला सामने आता है। इसी वजह से फिल्म को अपने समय की सबसे चर्चित और भयावह हॉरर फिल्मों में जगह मिली।

द एक्सॉर्सिस्ट की खासियत केवल उसका डरावना विषय नहीं था। फिल्म ने उस दौर में हॉरर शैली को गंभीर सिनेमाई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे ऑस्कर के लिए नौ अलग-अलग श्रेणियों में नामांकन मिला था। हॉरर फिल्म के लिए इतने बड़े स्तर पर पुरस्कारों की दौड़ में शामिल होना उस समय बेहद उल्लेखनीय उपलब्धि मानी गई।

फिल्म ने नौ नामांकनों में से दो श्रेणियों में पुरस्कार हासिल किए। इसे बेस्ट राइटिंग, स्क्रीनप्ले और बेस्ट साउंड से जुड़े पुरस्कार मिले। इसके अलावा फिल्म के कलाकारों और तकनीकी टीम के काम को भी व्यापक सराहना मिली। ऑस्कर में मिली सफलता ने इसे हॉरर शैली की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल कर दिया।

फिल्म में रेगन का किरदार अभिनेत्री लिंडा ब्लेयर ने निभाया था। इस भूमिका के बाद वह काफी चर्चित हुईं। हालांकि फिल्म की विषयवस्तु को लेकर विवाद भी सामने आया। कुछ धार्मिक समूहों ने फिल्म की कहानी और उसमें शैतान से जुड़े चित्रण पर आपत्ति जताई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म की रिलीज के बाद लिंडा ब्लेयर को धमकियां भी मिली थीं। परिस्थितियों को देखते हुए फिल्म के वितरक स्टूडियो ने उनकी सुरक्षा के लिए कई महीनों तक बॉडीगार्ड उपलब्ध कराए थे। इस घटना ने फिल्म से जुड़े विवाद को और चर्चा में ला दिया था।

समय बीतने के बावजूद द एक्सॉर्सिस्ट की लोकप्रियता कम नहीं हुई। फिल्म की कहानी, वातावरण, अभिनय और डर पैदा करने वाली प्रस्तुति के कारण इसे हॉरर फिल्मों के प्रशंसकों के बीच आज भी याद किया जाता है। फिल्म की IMDb रेटिंग 8.1 बताई जाती है, जो इसकी लंबे समय तक बनी लोकप्रियता को दर्शाती है।

द एक्सॉर्सिस्ट की उपलब्धियां यह भी बताती हैं कि हॉरर सिनेमा केवल डराने तक सीमित नहीं रहा है। मजबूत कहानी, प्रभावशाली अभिनय और तकनीकी प्रस्तुति के साथ इस शैली की फिल्में प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कारों में भी अपनी जगह बना सकती हैं। द एक्सॉर्सिस्ट ने इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण पेश किया।


  • आज पुरानी फिल्मों को दोबारा देखने का चलन बढ़ने के साथ द एक्सॉर्सिस्ट भी नई पीढ़ी के दर्शकों तक पहुंच रही है। फिल्म को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किराये के विकल्प के साथ देखा जा सकता है। हालांकि फिल्म की उम्र कई दशक हो चुकी है, लेकिन इसका प्रभाव हॉरर सिनेमा में अब भी दिखाई देता है।

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