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ट्रेफिक पुलिस का कारनामा, सडक़ किनारे खड़ी बाइक को क्रेन ने युवक सहित उठाया

 

पुणे। महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे (Pune) से एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है. जहां पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी क्रेन (traffic policeman crane) के जरिए बाइक को सवार समेत उठाकर ले गए. यह घटना गुरुवार शाम 5 बजे पुणे के नाना पेठ इलाके में हुई. शुक्रवार को फोटो वायरल (Photo Viral) होने के बाद ट्रैफिक डिपार्टमेंट (traffic department) हरकत में आया और मामले की जांच का आदेश दिए.

तस्वीरे वायरल होने के बाद ट्रैफिक डिपार्टमेंट का कहना है कि बाइक नो-पार्किंग जोन (no-parking zone) में खड़ी थी. जब बाइक को उठाया जा रहा था तब जबरदस्ती बाइक सवार जान बूझकर बाइक पर बैठ गया. सोशल मीडिया (Social Media) पर तस्वीरें वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा ट्रैफिक कर्मियों पर जमकर फूट रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइक सवार शख्स बार-बार बोल रहा था कि सर मेरी बाइक नो-पार्किंग जोन में नहीं खड़ी थी. मैं दो मिनट के लिए सड़क किनारे खड़ा हुआ था. मैंने अपनी बाइक पार्क नहीं की है. मैं यहां से निकल रहा हूं. प्लीज मेरे खिलाफ कोई एक्शन न लें. बावजूद इसके ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने शख्स की एक न सुनी और बाइक को सवार समेत क्रेन से उठा लिया.

मौके पर मौजूद लोगों ने जब इस घटना का विरोध किया तो बाइक उठाने वालों ने लोगों के साथ भी बदसलूकी की. स्थानीय लोगों का आरोप है कि नानापेठ इलाके में ट्रैफिक पुलिस अक्सर लोगों को परेशान करती है. वहीं इस मामले पर ट्रैफिक डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों का कहना है कि, ‘नाना पेठ इलाके में हुई इस घटना की डिटेल रिपोर्ट हमने तलब की है.’ इस मामले पर ज्यादा जानकारी देते हुए डीसीपी राहुल श्रीराम ने आजतक को बताया कि कांस्टेबल राजेंद्र चलवादी ने युवक का नो पार्किंग जोन में बाइक पार्क करने का 460 रुपये का चलान काटा था. उमेश वाडेकर का शख्स अपनी बाइक के पास नहीं था फिर टोइंग क्रेन ने उसकी बाइक को उठाना शुरू किया. इतने में उमेश वाडेकर दौड़ता हुआ आया और बाइक के ऊपर बैठ गया.

इसके बाद जोर- जोर से चिल्लाने लगा कि उसे बाइक के साथ नीचे उतारो. मौके पर मौजूद ट्रैफिक कांस्टेबल राजेंद्र चलवादी ने कार्रवाई करते हुए उसने नीचे नहीं उतारा और कुछ ही देर में बाइक सवार शख्स हवा में दिखने लगा.डीसीपी राहुल श्रीराम ने आजतक को बताया के 35 वर्षीय बाइक सवार उमेश वाडेकर को दंडित किया गया है और ट्रैफिक कांस्टेबल राजेंद्र चलवादी पर कारवाई करते हुए उन्हें कंट्रोल रूम में ट्रांसफर कर दिया गया है. डीसीपी के मुताबिक बाइक सवार को पहले नीचे उतारना चाहिए था. बता दें, पुणे ट्रैफिक पुलिस के मुताबित साल 2020 में 80 करोड़ रुपये का चालान काटे. लेकिन इसमें से सिर्फ 23% ही रकम वसूल हो पाई है. क्योंकि लोग चलान काटने के बाद में फाइन नहीं देते हैं. इस साल पुणे में तकरीबन 45 करोड़ रुपये के चलान काटे गए हैं. 

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