काठमांडू। नेपाल (Nepal) के दक्षिणी मैदानी इलाकों में टिकटॉक पर एक विवादास्पद वीडियो से शुरू हुआ धार्मिक विवाद तेजी से सांप्रदायिक तनाव (Communal tension) में बदल गया। धनुषा जिले में मस्जिद में तोड़फोड़ (Vandalism at the mosque) की घटना के बाद परसा के बीरगंज में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जिनमें पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। स्थिति को देखते हुए मधेस प्रदेश के सभी आठ जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और स्थानीय प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
परसा के मुख्य जिला अधिकारी भोला दहल ने बताया कि मुस्लिम समुदाय सड़कों पर उतर आया था। उन्होंने दो-तीन जगहों पर टायर जलाए थे। हमने मुस्लिम समुदाय के नेताओं के साथ-साथ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों से भी बातचीत की और अब स्थिति नियंत्रण में है तथा शांत है। दहल ने कहा कि डीएओ ने लोगों से सामाजिक, धार्मिक या सांस्कृतिक द्वेष को बढ़ावा न देने की अपील की है।
क्या है पूरा मामला?
खबरों के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब हैदर अंसारी और अमानत अंसारी नाम के दो युवकों ने धनुषा के जनकपुर में टिकटॉक पर एक वीडियो अपलोड किया। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि वीडियो से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और उन्होंने युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद कमला नगरपालिका के वार्ड 6 में एक मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद तनाव और बढ़ गया। विरोध में प्रदर्शनकारियों ने बीरगंज और उसके आसपास रैलियां निकालीं, टायर जलाए और नारे लगाए।
बीरगंज के छपकाइया ईदगाह चौक पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संक्षिप्त झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आंसू गैस के पांच गोले दागे। विरोध प्रदर्शनों और झड़पों के बाद, मधेस के सभी आठ जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। झड़पों के संभावित केंद्र माने जाने वाले क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
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