
इंदौर। शहर के सरकारी लाल अस्पताल को एंटीरैबीज वैक्सीन सेंटर का ब्रांड बनाने वाले अधीक्षक डाक्टर शर्मा की सालों की शासकीय सेवाओं के दौरान आज लाल अस्पताल से 23 साल बाद सेवानिवृत्ति मतलब विदाई होने जा रही है। मौजूदा स्टाफ और हेल्थ विभाग के अनुसार डाक्टर शर्मा के सेवा समर्पण भाव के चलते लाल अस्पताल मध्य प्रदेश का ऐसा नम्बर वन हास्पिटल बन चुका है, जहां 365 दिन सुबह 9 से रात 8 बजे तक एंटीरैबीज वैक्सीन और एंटीइंफेक्शन टिटनेस इंजेक्शन लगाए जाते हैं।
अधीक्षक डाक्टर शर्मा के कार्यकाल में 10 लाख से ज्यादा डॉग्स बाइट पीडि़तों को एंटीरैबीज वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इसी वजह से शहर से लेकर इन्दौर जिले में लाल अस्पताल की पहचान कुत्तों के काटने के बाद इंजेक्शन लगाने वाले अस्पताल की बन चुकी है। हेल्थ विभाग के विष्णु चौधरी के अनुसार राखी हो, दिवाली हो, ईद हो या होली के अलावा कोई भी बड़ा त्योहार क्यों न हो, मगर लाल अस्पताल में कभी छुट्टी नहीं रही। यहां 365 दिन एंटीरैबीज के इंजेक्शन लगते हैं। एक समय ऐसा भी आया किसी इमरजेंसी की चलते एंटीरैबीज वैक्सीन की सप्लाय थम गई।
डाक्टर शर्मा ने इस बारे में हेल्थ विभाग, जिला प्रशासन सहित एमपी शासन को लिखा कि अस्पताल में वैक्सीन खत्म होने जा रही है ा, इसलिए जल्दी से जल्दी इसकी आपूर्ति की जाए, क्योंकि डॉग्स बाइट पीडि़तों को 24 घंटे के अंदर वैक्सीन लगाना जरूरी है, वरना पीडि़त के स्वास्थ्य और जान को खतरा हो सकता है। फिर भी वही हुआ, जिस बात का डर था। लाल अस्पताल में वैक्सीन खत्म हो गई। डॉग्स बाइट से पीडि़त सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक वैक्सीन का इंतजार करते रहे। आखिरकार डाक्टर शर्मा ने अपने घर से रुपए मंगवाए और बाजार से वैक्सीन खरीदकर डॉग्स बाइट पीडि़तों को लगवाई। ऐसी ही कई खूबियों के चलते डाक्टर शर्मा की विदाई पर स्टाफ के सदस्य उदास और अनमने हैं। उनका कहना है कि आजकल के सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों में ऐसा सेवा समर्पण भाव बहुत कम देखने में आता है।
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