
डेस्क: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन को लेकर विवाद अभी तक थमा नहीं है. कहीं न कहीं मुख्यमंत्री बदलने को लेकर सत्तारुढ़ कांग्रेस में लगातार आवाज उठती ही रही है. जारी विवाद के बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कहना है कि कैबिनेट में “नए खून” को शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि पुराने लोग हमेशा नहीं रह सकते. साथ ही पार्टी के भविष्य के लिए नई सोच का होना बहुत ही जरूरी है.
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने पहली बार विधायक बनने वाले नेताओं को भी कैबिनेट में जगह देने की मांग का समर्थन किया. उपमुख्यमंत्री ने सरकार में जेनरेशन के तौर पर बदलाव की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “पार्टी को नए खून और नई सोच की जरूरत है. मैं नए खून का समर्थन करता हूं.”
उपमुख्यमंत्री शिवकुमार, जो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, ने कहा, “पुराने लोग हमेशा नहीं रह सकते.” पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवकुमार पहली बार विधायक बने नेताओं की ओर से राहुल गांधी और कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के कई अन्य सीनियर नेताओं को पत्र लिखकर प्रस्तावित कैबिनेट फेरबदल में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे.
इससे पहले कांग्रेस आलाकमान, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार समेत राज्य नेतृत्व को दिए गए एक साझे प्रस्ताव में, इन विधायकों ने अपील की कि पहली बार चुने गए कम से कम 5 विधायकों को मंत्री बनाया जाए. विधायकों ने अपने पत्र में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, कर्नाटक के लोगों ने पहली बार 38 लोगों को कांग्रेस की ओर से विधानसभा के लिए चुना है, इस तरह यह साफ संदेश है कि जनता विधानसभा में नए और युवा चेहरे देखना चाहती है.”
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