
उज्जैन। उम्मीद के मुताबिक अभी भी पंजीयन विभाग में रजिस्ट्री करवाने वालों की इतनी भीड़ नहीं लग रही है जितनी विगत वर्षों में देखी जाती रही हैं। इसके साथ ही इस बार राजस्व लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाएगा। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल से प्रस्तावित गाइडलाइन लागू होगी, जिसमें 20 फीसदी से लेकर 30 फीसदी तक बढ़ोतरी की जा रही है, जिसके खिलाफ रियल इस्टेट कारोबार से जुड़ी प्रमुख संस्था क्रेडाई सहित लगभग 15 आपत्तियां प्राप्त हुई है।
आपत्तियों पर जल्द होगी सुनवाई
दरअसल, प्रस्तावित कलेक्टर गाइड लाइन को लेकर 15 विभाग को आपत्तियाँ प्राप्त हुई हैं। अधिकांश आपत्ति जिले की ग्रामीण जमीनों के दाम बढ़ाने और घटाने को लेकर आई हैं। कई प्रोजेक्टों के आवासीय भूखंडों की दर बिना किसी पंजीकृत दस्तावेजों के अधिकारियों ने खुद ही बढ़ा दी, जो कि तर्कहीन और विधिसंगत भी नहीं है। अब देखना यह है कि इन प्राप्त तमाम आपत्तियों-सुझावों पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति क्या निर्णय लेती है।
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