
नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology)में ग्रहों के गोचर(Planetary transit) और उनके आपसी संबंधों को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी क्रम में 17 अगस्त 2026 को सूर्य देव ने अपनी स्वराशि सिंह(Leo (its own sign)) में प्रवेश किया है और अब वह 17 सितंबर तक सिंह राशि में रहेंगे। सूर्य के सिंह राशि में पहुंचते ही देवगुरु बृहस्पति के साथ द्विद्वादश योग का निर्माण हुआ है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जब दो ग्रह एक दूसरे से दूसरे और बारहवें भाव में स्थित होते हैं तो द्विद्वादश योग बनता है। इस योग में गुरु सूर्य से बारहवें भाव में और सूर्य गुरु से दूसरे भाव में स्थित माने जा रहे हैं। सूर्य को मान सम्मान नेतृत्व और आत्मविश्वास का कारक माना जाता है जबकि गुरु ज्ञान विस्तार समृद्धि और सौभाग्य से जुड़े ग्रह हैं। ऐसे में इस योग को कई राशियों के लिए शुभ और आर्थिक रूप से लाभकारी माना जा रहा है।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य और गुरु का यह संबंध काफी सकारात्मक माना जा रहा है। इस अवधि में कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आ सकती है। नौकरी करने वालों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि से जुड़ा कोई अच्छा समाचार मिल सकता है। अधिकारियों और वरिष्ठ लोगों का सहयोग मिलने की संभावना रहेगी। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए नए कारोबारी समझौते लाभदायक साबित हो सकते हैं। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं और अचानक धन लाभ भी हो सकता है। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ समाज में मान सम्मान बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
सिंह राशि
सूर्य का गोचर सिंह राशि में ही हुआ है इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष महत्व रखता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सिंह राशि वालों के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि हो सकती है। लंबे समय से अटके हुए काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं। आर्थिक मोर्चे पर भी राहत मिलने के संकेत हैं और अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन सकती है। इसके अलावा नए निवेश से भविष्य में लाभ मिलने के योग बताए गए हैं। परिवार में मांगलिक कार्य हो सकते हैं और वरिष्ठ लोगों का मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा।
धनु राशि
धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं इसलिए सूर्य के इस गोचर को इस राशि के लिए विशेष शुभ बताया जा रहा है। इस दौरान अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अच्छी खबर मिल सकती है। विदेश से जुड़े काम कारोबार या अवसरों में सफलता के संकेत हैं। इसके साथ ही सुख सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है और परिवार में सकारात्मक माहौल बनने की संभावना है।
सूर्य और गुरु को मजबूत करने के उपाय
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सूर्य और गुरु के सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाने के लिए सुबह सूर्यदेव को तांबे के लोटे से जल अर्पित किया जा सकता है। जल में रोली और पीला पुष्प डालकर सूर्य को अर्घ्य देने की सलाह दी जाती है। इसके साथ सूर्य मंत्र और बृहस्पति मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। हालांकि ऐसे उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं और इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपाय नहीं माना जाता।
कुल मिलाकर 17 अगस्त से 17 सितंबर तक सूर्य के सिंह राशि में रहने के दौरान बनने वाला द्विद्वादश योग ज्योतिषीय गणना के अनुसार मेष सिंह और धनु राशि वालों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है। इन जातकों को नौकरी में तरक्की कारोबार में नए अवसर रुके हुए धन की वापसी और आय के नए रास्ते मिलने के संकेत बताए गए हैं। हालांकि राशिफल और ग्रहों से जुड़ी भविष्यवाणियां ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित होती हैं इसलिए किसी बड़े आर्थिक या निवेश संबंधी फैसले को केवल इनके आधार पर लेना उचित नहीं है।
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