नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (Middle east) में जारी जंग के बीच तेल और एलपीजी आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंता (Global Concern) बढ़ गई है। कई देशों के लिए होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से आवाजाही प्रभावित हुई है, लेकिन इस बीच ईरान ने भारत को मित्र देश बताते हुए कुछ जहाजों को गुजरने की अनुमति दी। रविवार को एलपीजी से लदे दो भारतीय टैंकर सुरक्षित रूप से इस जलडमरूमध्य को पार कर भारत की ओर बढ़ गए।
94 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर बढ़े जहाज
सरकार के अनुसार, इन दोनों टैंकरों में करीब 94,000 मीट्रिक टन कुकिंग गैस भरी है। ये जहाज — BW Tyr और BW Elm — क्रमशः 31 मार्च को मुंबई और 1 अप्रैल को न्यू मैंगलोर पहुंचने की उम्मीद है।
18 भारतीय जहाज अब भी क्षेत्र में
सरकार ने बताया कि भारतीय झंडा लगे कुल 18 जहाज अभी भी पश्चिमी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं, जिन पर 485 भारतीय नाविक सवार हैं। कुछ अन्य एलपीजी टैंकर पहले ही जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं, जबकि कुछ अभी भी पश्चिमी हिस्से में इंतजार कर रहे हैं।
आयात पर निर्भरता बड़ी चुनौती
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक देश है। पिछले वर्ष देश में करीब 33.15 मिलियन टन गैस की खपत हुई, जिसमें लगभग 60 फीसदी जरूरत आयात से पूरी हुई। इस आयात का करीब 90 फीसदी हिस्सा मध्य-पूर्व से आता है।
तनावपूर्ण हालात के बावजूद अधिकारियों का कहना है कि भारत के बंदरगाहों पर फिलहाल कामकाज सामान्य है और जहाजों की आवाजाही सुचारु बनी हुई है।
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