
इंदौर। मतदाता सूची का प्रकाशन आज एसआईआर की प्रक्रिया खत्म होने के साथ ही किया जा रहा है। निर्वाचन विभाग से प्राप्त सूची के आधार पर इंदौर जिले में अब सिर्फ 24,86,996 मतदाता ही रह जाएंगे। हालांकि इस संख्या में 84,293 नए मतदाता हैं, जिनमें से 70,227 18 साल वाले मतदाता जोड़े गए हैं। वहीं 14,066 ऐसे मतदाता हैं, जिनके पते बदल गए हैं और वह शिफ्ट हो गए हैं। एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने के दौरान इंदौर जिले में कुल 28 लाख 67 हजार 294 मतदाता थे।
इंदौर जिले की नौ विधानसभा सीटों के पहले जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 28,67,294 मतदाता दर्ज थे, जबकि संशोधित अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 24,86,996 रह गई है। यानी कुल मिलाकर जिले में 3,80,298 मतदाता कम हो गए हैं। यह अंतर चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधानसभावार तुलना करने पर सबसे अधिक कमी इंदौर विधानसभा 5 में दर्ज की गई है। यहां पहले 4,30,491 मतदाता थे, जो अब घटकर 3,52,849 रह गए हैं। इस प्रकार इस क्षेत्र में 77,642 मतदाताओं के नाम कट गए है, जो जिले में सबसे ज्यादा है। दूसरे स्थान पर इंदौर विधानसभा 1 में संख्या 3,81,112 से घटकर 3,11,268 रह गई है। यहां कुल 69,844 मतदाता कम हुए हैं। इसी तरह इंदौर-2 में भी 62,426 की कमी की गई है। पहले यहां 3,52,388 मतदाता थे, जो अब घटकर 2,89,962 हो गए हैं।
राऊ क्षेत्र में घट गए 40000 मतदाता
राऊ विधानसभा जहां तेजी से विकास हो रहा है, यहां मतदाता संख्या 3,79,065 से घटकर 3,38,544 हो गई है। यानी 40,521 मतदाता कम हुए हैं। तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में इतनी बड़ी कमी ने राजनीतिक हल्कों में चर्चा तेज कर दी है। वहीं सबसे अधिक चर्चित रहने वाली विधानसभा इंदौर-3 में 34,693 मतदाता घटे हैं। पहले यहां 1,88,824 मतदाता थे, जो अब 1,54,131 रह गए हैं। इंदौर-4 में 33,089 की कमी दर्ज की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कम कटे नाम
ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम काटने की संख्या कम रही है। देपालपुर में 24,351 मतदाता कम हुए हैं, जबकि महू (डॉ. आंबेडकर नगर) में 23,197 की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे कम कमी सांवेर विधानसभा में हुई है। यहां पहले 3,15,161 मतदाता थे, जो अब 3,00,626 रह गए हैं। यानी केवल 14,535 मतदाता कम हुए हैं, जो जिले में सबसे कम गिरावट है।
शहरी क्षेत्र में नहीं दे पाए जानकारी
कुल मिलाकर यह आंकड़े बताते हैं कि शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची पुनरीक्षण का प्रभाव ज्यादा दिखाई दिया है। नाम विलोपन, स्थानांतरण और दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद कई नाम हटाए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार डुप्लीकेट नाम, मृत मतदाता और अन्य तकनीकी कारणों से यह अंतर सामने आया है। 2003 की सूची से मिलान करने पर कई मतदाता बाहर पाए गए। चुनावी रणनीति के लिहाज से यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है। जिन विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता घटे हैं, वहां राजनीतिक दलों को बूथ प्रबंधन और मतदाता संपर्क की रणनीति नए सिरे से बनानी होगी। विशेषकर इंदौर-5, इंदौर-1 और इंदौर-2 में आई भारी गिरावट आगामी चुनाव में सीधा असर डाल सकती है।
मतदाताओं की ताजा स्थिति
देपालपुर
पहले -2,79,705 मतदाता
अब -2,55,354 मतदाता
कमी -24,351
इंदौर-1
पहले -3,81,112 मतदाता
अब -3,11,268 मतदाता
कमी -69,844मतदाता
इंदौर-2
पहले -3,52,388 मतदाता
अब -2,89,962 मतदाता
कमी -62,426 मतदाता
इंदौर-3
पहले-1,88,824 मतदाता
अब-1,54,131 मतदाता
कमी -34,693 मतदाता
इंदौर-4
पहले-2,51,236 मतदाता
अब -2,18,147 मतदाता
कमी – 33,089 मतदाता
इंदौर-5
पहले -4,30,491 मतदाता
अब -3,52,849 मतदाता
कमी -77,642 (सबसे अधिक)
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