
मुंबई । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने बताया कि महाराष्ट्र में अगले पांच वर्षों तक (In Maharashtra for the next Five Years) बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी (There will be no Increase in Electricity Rates) । इससे उद्योगों और आम उपभोक्ताओं दोनों को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र विधानसभा में जानकारी दी कि महाराष्ट्र में औद्योगिक गतिविधियों के तेजी से बढ़ने के साथ बिजली की मांग में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक बिजली की मांग में करीब 23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बावजूद, अन्य प्रतिस्पर्धी राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र में बिजली की दरें अभी भी अपेक्षाकृत सस्ती हैं। सीएम फडणवीस ने कहा कि सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिजली उत्पादन और आपूर्ति की मजबूत व्यवस्था की है। खासतौर पर डेटा सेंटर सेक्टर को लेकर राज्य ने बड़ी तैयारी की है। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए लगभग 4,500 मेगावॉट बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि तेजी से बढ़ते डिजिटल और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को किसी तरह की बिजली कमी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी बताया कि महाराष्ट्र देश का प्रमुख डेटा सेंटर हब बनता जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में डेटा सेंटर स्थापित हो रहे हैं। ऐसे में लगातार और स्थिर बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने दीर्घकालिक योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री ने राज्य की बिजली वितरण कंपनी महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी ने 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक राजस्व का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही महावितरण देश की सबसे बड़ी बिजली वितरण कंपनियों में शामिल हो गई है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बिजली दरों में राहत को लेकर एक और अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि पहले रात के समय बिजली की अधिक उपलब्धता के कारण उस समय सस्ती दरों पर बिजली दी जाती थी, लेकिन अब दिन में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध होने के चलते सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली पर करीब 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
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