
भोपाल। प्रदेश में 17 सितंबर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों से प्रतिबंध हटाया जा रहा है। इसके बाद विभाग स्तर पर मंत्री और जिलों में प्रभारी मंत्री की सहमति से तबादले किए जा सकेंगे। लंबे समय से तबादला कराने की कोशिश में जुटे अधिकारी और कर्मचारी इस बार मौका नहीं चूकना चाहते हैं। क्योंकि प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। आशंका है कि सरकार चुनावों को देखते हुए तबादलों से प्रतिबंध नहीं हटाएगी। क्योंकि तबादलों के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता है। जिससे सरकार की छवि खराब होती है। इसलिए कर्मचारियों की कोशिश है कि किसी भी तरीके से तबादला हो जाए।
पदोन्नति न मिलने से भी दुखी
जिन कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं मिल पा रही है, वह भी इस बार प्रमुखता से तबादला चाहते हैं। दरअसल, ऐसे कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट से फैसला होने के बाद प्रदेश में पदोन्नति शुरू हो जाएगी और उनकी पदोन्नति होना है। इसलिए पदोन्नति के साथ मनचाही जगह भी मिल जाएगी पर पदोन्नति में आरक्षण प्रकरण का निर्णय में हो रही देरी की वजह से अधिकारी धैर्य खो चुके हैं और अब तबादला चाहते हैं।
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