
इंदौर (Indore) पर तो ग्रहण (eclipse) ही लगा हुआ है… पूरे देश में गंदा पानी (Dirty water) पीने से लोग बीमार तक नहीं होते और हमारे यहां एक-दो-तीन नहीं 32 लोग अब तक मर चुके हैं और प्रशासन (Administration) मौत की जांच कराने के बजाय मौतों की आंच में झुलस रहा है… इन मौतों की बदनामी से अभी मुक्ति मिली नहीं थी कि कल दिल से दौड़ें दिल के लिए का नारा लगाती हुई एक मैराथन में दिल का दौरा पडऩे से एक परदेशी की मौत हो गई… यह मौत का कारण भी इस शहर के पगलाए मैराथन आयोजकों की नादानी और नासमझी ही है, जिन्होंने धावकों को 21 किलोमीटर दौड़ा दिया… अब इस जानलेवा बेवकूफी पर वो देशभर की मैराथन की दूरियों का तर्क दे सकते हैं… लेकिन पूरे देश में दिल को लेकर हो रही रहस्यमयी मौतों की वजह पता नहीं चल रही है… युवा तो युवा बच्चे तक नाचते, गाते, हंसते, खेलते दिल की धडक़नें रुकने से मारे जा रहे हैं… दिल के डॉक्टर अपनी दुकान चला रहे हैं… सरकार संज्ञान नहीं ले रही है… घरों में मातम और लोगों में आतंक बढ़ता जा रहा है… कोई इसे कोरोना का कारण बता रहा है…कोई वैक्सीन पर तोहमतें लगा रहा है… लेकिन कोई इन रहस्यमयी मौतों की असली वजह नहीं जान पा रहा है…ऐसे में जब दिल की हिफाजत और धडक़नों की सुरक्षा पर किसी बड़े रिसर्च की आवश्यकता है, तब लोगों को जागरूक करने के लिए दौड़ लगवाना और उन्हें मौत के मुंह में धकेलना नादानी नहीं, बल्कि गुनाह है और उस गुनाह में मैराथन आयोजकों के साथ पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने झंडाबरदारी करते हुए एक युवक को मौत की नींद सुला दिया… जब इस शहर में ही नहीं पूरे देश में दिल के दौरों को लेकर लोग डरे-सहमे, भयभीत होकर डॉक्टरों के चक्कर लगा रहे हैं… हर आदमी दिल थामकर खुद को मरीज मानकर जांच की कतार में लगा हुआ है… मेडिकल माफिया इस डर को वरदान मानकर लाखों-करोड़ों ऐंठे जा रहे हैं, तब हमारे दिल के खैरख्वाह हमें दौड़ लगवा रहे हैं और यह भी नहीं समझ पा रहे हैं कि दिन-रात बैडमिंटन से लेकर क्रिकेट खेलने वाले… जिम में घंटों वर्जिश करने वाले और यहां तक कि ऐसी मैराथनों में ही दौड़ लगाने वाले जब जान गंवा रहे हैं… मंच पर परफार्म करते हुए लोग टपके जा रहे हैं, तब दिल के लिए दौड़ कराने और 21 किलोमीटर का दबाव बनाने वाले वजनदार हो सकते हैं, समझदार नहीं… दिल से दिल के लिए दौड़ का दबाव नहीं दिल को दिल की सक्षमता और सामथ्र्य के अनुसार हिफाजत का पाठ पढ़ाना चाहिए… रिसर्च तो यह भी किया जाना चाहिए कि दिल क्यों कमजोर हो रहा है और दौडऩे वाला क्यों मर रहा है…
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