
इंदौर। सडक़ पर हादसों और समस्याओं को कम करने के लिए पिछले महीने शहर के इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट संस्थानों को यातायात पुलिस की ओर से लिखे गए पत्र के बाद इस पर काम शुरू हो गया है। आईआईएम द्वारा चोइथराम चौराहा पर सर्वे का काम किया जा रहा है।
डीसीपी ट्रैफिक ने इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट संस्थानों के साथ ही कॉलेजों को पत्र लिखकर कुछ चौराहों के सर्वे के लिए लिखा था। पत्र में शहर के 15 चौराहों का उल्लेख था, जहां यातायात का अधिक दबाव है और उस कारण कई बार वाहन चालकों को देरी होने के साथ ही दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है। पत्र में एक्सपट्र्स से इस चौराहों पर रोड इंजीनियरिंग में बेहतर सुधार के लिए सर्वे कर कमियां ढूंढने के लिए कहा गया था। इस पर शहर के आईआईएम ने कई दिन पहले काम शुरू कर दिया है।
आईआईएम के डायरेक्टर प्रो हिमांशु राय के नेतृत्व में दो प्रोफेसर सौरभ चंद्र और राजहंस मिश्र चोइथराम चौराहा पर काम कर रहे हैं। दो महीने में इस चौराहे में कमियों के साथ ही सुधार की रिपोर्ट यातायात विभाग को सौंप दी जाएगी। वहीं, एसजीएसआईटीएस भी दो जगह सर्वे का काम अगले हफ्ते से शुरू कर देगा। इसमें संस्थान के एनसीसी और एनएसएस के स्टूडेंट्स को प्राथमिकता से शामिल किया जा रहा है, बाकी जो भी छात्र इसमें शामिल होना चाहते हैं, उन्हें भी शामिल किया जाएगा।
संस्थान लैंटर्न चौराहा के साथ ही बाल विनय मंदिर स्कूल वाले तिराहे पर रोड इंजीनियरिंग पर काम करेगी। संस्थान की ओर से इस टीम को लीड करने जा रहे मनीष जायसवाल ने बताया कि फिलहाल संस्थान में प्रैक्टिकल के साथ ही वायवा चल रहे हैं। इनके बाद जल्दी ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। शहर के बचे संबंधित चौराहों के आसपास के संस्थानों से भी यातायात विभाग ने पत्र व्यवहार किया है। संस्थानों में छुट्टियों के साथ ही परीक्षा होने के कारण कई संस्थान इसमें देर से ही सही, लेकिन शामिल होने की बात कह रहे हैं।
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