
इंदौर, विकाससिंह राठौर। हर चीज में नंबर 1 रहने वाला इंदौर महंगी शराब दुकानों के मामले में भी सबसे आगे है। इंदौर में प्रदेश की दो सबसे महंगी शराब दुकानें नीलाम हुई हैं। इनकी कीमत 114 करोड़ रुपए है। यह राशि प्रदेश के कुछ जिलों की सभी दुकानों की कुल कीमत से भी ज्यादा है। सबसे महंगी दुकानों में पहले स्थान पर एमआर-9 की दुकान है, जो 57.7 करोड रुपए में नीलाम हुई है, वहीं दूसरे स्थान पर स्कीम-54 की दुकान है, जो 56.2 करोड़ पर नीलाम हुई है।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गई नई आबकारी नीति 2026-27 के अंतर्गत प्रदेश की सभी शराब दुकानों की कीमतों को 20 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इस वृद्धि के बाद माना जा रहा था कि व्यापारी दुकानों को खरीदने में कम रुचि दिखाएंगे, लेकिन इंदौर में नीलामी शुरू होते ही परिणाम इसके विपरीत नजर आ रहे हैं। यहां की प्रमुख शराब दुकानों को खरीदने में व्यापारी बढ़ी हुई राशि के भी ऊपर बड़ी बोलियां लगा रहे हैं, जिसके चलते इंदौर की दो दुकानें प्रदेश की सबसे महंगी शराब की दुकानें बन चुकी हैं, जिनकी कुल कीमत 114 करोड़ है।
यह कीमत सिर्फ 1 साल के लाइसेंस की, करोड़ों के खर्च अलग
इस पूरी नीलामी प्रक्रिया में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी कीमत सिर्फ 1 साल के लाइसेंस की है। यानी इस राशि के बदले विभाग उक्त क्षेत्र में व्यापारी को सिर्फ दुकान लगाकर शराब बेचने की छूट देता है। इसके अतिरिक्त उक्त स्थान का किराया, दुकान तैयार करने का खर्च, स्टाफ, बिजली सहित सबसे बड़ी राशि शराब खरीदने पर खर्च होगी, जो इस कीमत में शामिल नहीं है।
आज होगी बची 60 दुकानों की नीलामी
आबकारी विभाग के डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल ने बताया कि इंदौर जिले की 173 शराब दुकानों को 56 समूहों में बांटकर तीन बैच में नीलामी की गई थी। इसमें से 34 समूहों की 113 दुकानें 1613 करोड़ की कीमत पर नीलाम हो चुकी है, वहीं 22 समूहों की 60 दुकानें कोई टेंडर ना मिलने से बच गई थीं, इन्हें आज दूसरे चरण में दोबारा नीलाम किया जाएगा।
पिछले साल 83 करोड़ से भी कम पर नीलाम हुई थीं ये दुकानें
सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी ने बताया कि पिछले साल एमआर-9 दुकान 41.62 करोड़ और स्कीम-54 की दुकान 41.21 करोड़ में नीलाम हुई थी। नई नीति के तहत इस बार इन दुकानों के लिए 49.94 और 49.45 करोड़ की कीमत तय की गई थी, लेकिन इस पर भी विभाग को ऊंची बोली मिली है। स्कीम -54 समूह के लिए 13.62 प्रतिशत और एमआर-9 के लिए 15.45 प्रतिशत ज्यादा की बोली मिली है। इसके बाद ये क्रमश: 57.7 करोड़ और 56.2 करोड़ में नीलाम हुई है।
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