
हैदराबाद । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने भाग्यलक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की (Offered prayers at the Bhagyalakshmi Temple) ।
उन्होंने भाजपा द्वारा आयोजित ‘महा पदयात्रा’ का नेतृत्व करने के लिए सोमवार को हैदराबाद पहुंचने के तुरंत बाद पुराने शहर में ऐतिहासिक चारमीनार के पास स्थित इस मंदिर का दौरा किया और पूजा-अर्चना की। उनके साथ केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और राज्य भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव भी मौजूद रहे। इससे पहले, अमित शाह का बेगमपेट हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी, बंदी संजय कुमार, रामचंद्र राव, भाजपा सांसदों और अन्य पार्टी नेताओं ने उनका स्वागत किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पूजा-अर्चना के बाद हैदराबाद में पदयात्रा के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल उस वक्त निजाम को न झुकाते, तो हैदराबाद आज भारत का हिस्सा नहीं होता। कल दिल्ली में भी एक रैली हुई थी। वो (विपक्ष) कहते हैं कि ये वोट बचाओ रैली है, लेकिन मैं कहता हूं कि ये वोट बचाओ रैली नहीं थी, बल्कि घुसपैठिया बचाओ रैली थी। कांग्रेस एसआईआर को रोककर देश की मतदाता सूची में बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस को जितना जोर लगाना है, लगाने दो, भाजपा एक-एक घुसपैठिए को मतदाता सूची और देश से बाहर निकालकर ही दम लेगी।
उन्होंने कहा कि पूरी की पूरी कांग्रेस एंड कंपनी एसआईआर को रोकने में लगी है, क्योंकि ये घुसपैठिए उनका वोट बैंक हैं, लेकिन भाजपा एसआईआर के साथ मजबूती से खड़ी है। अब इस देश में वही वोट डालेगा, जो इस देश का नागरिक होगा। राहुल गांधी कहते हैं कि एसआईआर के नाम पर 13 करोड़ लोगों के वोट काट दिए गए हैं, लेकिन यह झूठ है क्योंकि 13 करोड़ वोट में से सवा छह करोड़ वोट ऐसे हैं, जो दूसरी जगह रहने चले गए हैं, क्या किसी को दो जगह वोट देने का अधिकार मिल सकता है? इसमें से 2.8 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। अब जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनका वोट कटना लाजिमी है। इसमें से एक करोड़ वोट ऐसे हैं, जिनकी डुप्लीकेट एंट्री हैं, मतलब अगर एक व्यक्ति के दो वोट हों, तो एक वोट अपने आप ही रद्द हो जाता है। तीन करोड़ वोट ऐसे हैं, जो हैं ही नहीं। ये बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोट हैं।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा एसआईआर के कारण ही चुनाव जीतती है, लेकिन 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, उस समय एसआईआर नहीं हुआ था। 2019 में जीते, उस समय भी एसआईआर नहीं हुआ था। लेकिन ये एसआईआर की वजह से नहीं, भारत के मतदाताओं के कारण संभव हुआ है। इसी तरह से भाजपा एक के बाद एक सारे राज्यों में चुनाव जीतती आ रही है। राहुल गांधी ने दो दिन पहले मॉक पार्लियामेंट की थी, मुझसे अगर पूछा होता तो मैं कहता कि नकली पार्लियामेंट में आप विपक्ष के नेता बने बिना ही प्रधानमंत्री बन जाओ, क्योंकि असली पार्लियामेंट में राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे, इसलिए नकली पार्लियामेंट में ही बन जाओ।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी हाथ में संविधान रखते हैं और संविधान का सम्मान नहीं करते। संविधान के दायित्व का निर्वहन देश की पार्लियामेंट से होता है, लेकिन राहुल गांधी पार्लियामेंट चलने ही नहीं देते। हम पार्लियामेंट का विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं, लेकिन वो नहीं आएंगे क्योंकि उन्हें अराजकता फैलानी है। भाजपा जब भी चुनाव जीतती है तो वो कहते हैं कि ईवीएम से जीते, लेकिन ईवीएम खराब है तो रेवंत रेड्डी सीएम कैसे बन गए, केरल, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश में आपकी सरकार कैसे आ गई? अगर ईवीएम इतना ही बुरा था तो शपथ नहीं लेनी चाहिए थी। जब ये चुनाव जीतते हैं तो कहते हैं कि लोगों ने जिताया और हारते हैं तो कहते हैं कि ईवीएम ने हराया।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved