
लखनऊ। राजधानी लखनऊ (Lucknow) में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) पर आपत्तियों और शिकायतों का अंबार लग रहा है। रविवार को लखनऊ के विभिन्न बूथों पर मतदाता सूची (Voter List) पढ़कर सुनाने के बाद ऐसी लापरवाही सामने आई है, जहां वर्षों से वोट डाल रहे बुजुर्गों से अजीबोगरीब जानकारियां मांगी गईं, तो कहीं एक ही परिवार के कुछ सदस्यों के नाम सूची से नदारद मिले।
मकबूलगंज की नेहा जायसवाल ने बताया कि उनकी 64 वर्षीय मां पुष्पा जायसवाल 25 वर्षों से वोट डाल रही हैं। इसके बावजूद बीएलओ ने उन्हें नोटिस देकर उनके मायके की जानकारी मांगी है।
फूलबाग की रहमीन के मुताबिक, उन्होंने अपनी तीन बहनों के साथ फॉर्म भरा था, लेकिन सूची में उनकी मझली बहन यासमीन का नाम नहीं है। अब विभाग दोबारा फॉर्म भरवा रहा है।
एमा थॉमस इंटर कॉलेज बूथ पर फरहत नाज ने बताया कि आवेदन पूर्ण होने के बावजूद बीएलओ ने फोन कर नोटिस थमाया और दोबारा फॉर्म भरवाया।
इस्लामिया इंटर कॉलेज सहित जिले के अधिकांश बूथों पर सुबह सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर 12:30 बजे तक बीएलओ मतदाताओं का इंतजार करते दिखे। हालांकि, दोपहर बाद धीरे-धीरे लोग बूथों पर पहुंचे। बीएलओ ने ड्राफ्ट सूची पढ़कर सुनाई और नए मतदाताओं को फॉर्म उपलब्ध कराए। किसी भी बूथ पर भारी भीड़ जैसी स्थिति नहीं देखी गई।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अभय किशोर सिंह ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जिन फॉर्मों में जानकारी अधूरी थी या जिनकी 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो पाई थी, केवल उन्हीं को नोटिस जारी किए गए हैं। मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने पर किसी का नाम नहीं काटा जाएगा।
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