
नई दिल्ली। विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) इस उम्र में भी एक दमदार बल्लेबाज की तरह खेल रहे हैं। दोनों दिग्गज खिलाड़ी अपने भविष्य का फैसला खुद करने के हकदार हैं। ये बात टीम इंडिया (Team India) के पूर्व क्रिकेटर और सिलेक्टर रहे मदन लाल (Former Cricketer Madan Lal) ने की है। कोहली और रोहित, दोनों T20I और टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं, लेकिन अभी भी वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट (One Day International Cricket.) में एक्टिव हैं और 2027 वर्ल्ड कप टीम में अपनी जगह बनाने की उम्मीद कर रहे हैं। इस पर सवालिया निशान जरूर है, लेकिन जिस तरह की फिटनेस और फॉर्म इन दोनों खिलाड़ियों के पास है, उससे लगता नहीं है कि कोई भी उन्हें ड्रॉप करने के बारे में सोचेगा।
मदन लाल ने एशियन लेजेंड्स लीग सीजन 2 के मौके पर कहा, “यह उनका फैसला है, किसी और का नहीं। इसलिए (यह) वही होना चाहिए जो वे तय करते हैं, लेकिन जिस तरह से वे ODI सीरीज खेल रहे हैं, उससे पता चलता है कि वे अभी भी बहुत, बहुत फ्रेश हैं और ऐसे लग रहे हैं जैसे वे कोई 28 या 30 साल के हों। जिस तरह से विराट कोहली सिंगल लेते हुए (विकेटों के बीच) दौड़ रहे हैं और गेंदों को हिट कर रहे हैं। यह देखना अच्छा है (जिस तरह से वे खेल रहे हैं)।”
महान सचिन तेंदुलकर के भारत के कप्तान बनाए जाने के समय सिलेक्टर रहे मदन लाल ने कहा कि जब टीम अच्छा नहीं करती है तो सबसे पहले सिलेक्टर और कोच की बुराई होती है। उन्होंने कहा, “सबसे पहले कोच और सिलेक्टर की बुराई होती है, मैं दोनों रहा हूं, इसलिए बुराई तो उनकी ही होगी, कोई नई बात नहीं है। जब तक आपकी अंतरात्मा सही है, वही मायने रखता है।”
कोच और सिलेक्टर की आलोचना होती है:मदन लाल
उन्होंने आगे कहा, “अगर टीम अच्छा नहीं कर रही है तो यह (आलोचकों) का सिलेक्टर पर हमला करने का मामला बन जाता है, लेकिन अगर टीम अच्छा नहीं कर रही है तो यह भी एक हिसाब-किताब वाली बात है कि आपका कोच आपकी टीम जितना ही अच्छा हो।” तेंदुलकर का कप्तान के तौर पर प्रदर्शन मिला-जुला रहा, भारत ने 25 में से नौ टेस्ट हारे और चार जीते, जबकि उन्होंने 73 में से 43 ODI हारे और 23 जीते।
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