
नई दिल्ली. ईद-उल-फितर (Eid-ul-Fitr) के मौके पर घोषित अस्थायी युद्धविराम (Temporary Ceasefire) खत्म होते ही बुधवार को अफगानिस्तान (Afghanistan) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच एक बार फिर भीषण संघर्ष शुरू हो गया है. पूर्वी अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में हुई इस गोलाबारी (Shelling) में कम से कम दो नागरिकों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हुए हैं.
अफगानिस्तान के कुनार प्रांत के सूचना विभाग के निदेशक जियाउर रहमान स्पीनघर के अनुसार, युद्धविराम की अवधि समाप्त होते ही पाकिस्तानी सेना ने ‘नारई’ और ‘सरकानो’ जिलों में दर्जनों आर्टिलरी गोले दागे. इस हमले में दो आम नागरिकों की जान चली गई और आठ अन्य घायल हो गए.
जवाब में अफगान सीमा सुरक्षा बलों ने भी पलटवार किया. तालिबान अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने पाकिस्तान की तीन सैन्य चौकियों को तबाह कर दिया है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई है. हालांकि, इन दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है.
वहीं पाकिस्तान की सेना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के एक स्थानीय अधिकारी ने अफगान बलों पर कई क्षेत्रों में पहले गोलीबारी शुरू करने का आरोप लगाया है.
यह हिंसा उस समझौते के ठीक एक हफ्ते बाद हुई है, जिसमें सऊदी अरब, तुर्की और कतर की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्ष शत्रुता रोकने पर सहमत हुए थे. इससे पहले पाकिस्तान के हवाई हमलों में काबुल के एक ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल को निशाना बनाया गया था, जिसमें तालिबान सरकार ने 400 से अधिक लोगों के मारे जाने का दावा किया था.
सीमा पर तनाव के बीच, प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने भी घोषणा की है कि उसने ईद के तीन दिवसीय युद्धविराम के बाद पाकिस्तान के भीतर अपने हमले फिर से शुरू कर दिए हैं. TTP अफगान तालिबान का सहयोगी संगठन है. पाकिस्तान लगातार काबुल पर आरोप लगाता रहा है कि वह TTP नेताओं और हजारों आतंकवादियों को पनाह दे रहा है, जो सीमा पार से हमले करते हैं.
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