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इंदौर में पानी की किल्लत, पास के गांवों में हर रोज बह रहा लाखों लीटर, पांच तालाब बन गए

October 23, 2026

नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना की लाइन तिल्लौरखुर्द से लेकर कई गांवों में फूटी और कई जगह लीकेज से पानी की बर्बादी

इंदौर। इंदौर (Indore) ही नहीं आसपास के पूरे अंचलों में पानी (Water) को लेकर भारी किल्लत (Shortage) मची हुई है। करोड़ों खर्च कर नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना (Narmada-Shipra Link Project) के तहत ओंकारेश्वर से लिफ्ट सिंचाई कर पानी शिप्रा नदी में छोड़ा जाता है। सिंहस्थ को लेकर यह कार्य शुरू किया गया था। तिल्लौरखुर्द क्षेत्र में इस योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन का ऐसा कबाड़ा हुआ है कि वहां जगह-जगह फूटी लाइनों से रोज लाखों लीटर पानी बहता है। इतना ही नहीं, वहां बहने वाले पानी से पांच तालाब भी बन गए हैं। कुछ जगह लाइनों के वॉल्व लीकेज होने के कारण ऐसे फव्वारे बने हैं कि वहां पिकनिक मनाने वालों की भीड़ उमड़ने लगी है। खेतों से लेकर खलिहान तक फूटी लाइनों का पानी पहुंच रहा है, साथ ही पातालपानी का झरना भी इसी पानी के कारण सरपट बह रहा है।


  • नर्मदा-शिप्रा लिंक योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह बड़े पैमाने पर लाइनें बिछाई गई हैं। सिमरोल, तिल्लौरखुर्द, केवड़ेश्वर और कई अन्य ग्रामीण हिस्सों में होते हुए लाइन सीधे उज्जैनी तक बिछाई गई है। इन क्षेत्रों में बिछाई गई लाइनों की हालत पिछले दो माह से खस्ता हो रही है और कई जगह से लाइनों के वॉल्व लीकेज होने के कारण वहां आसपास के ग्रामीण हिस्सों में पानी बहता रहता है। रोज लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है, लेकिन मामले का पता लगने के बाद भी वहां सुधार कार्य नहीं हो रहा है। कई हिस्सों में तो हालत यह है कि पानी के वॉल्व से ऊंचे-ऊंचे फव्वारे निकलते हैं, जिसके कारण वहां लोगों के साथ-साथ अब पर्यटक भी पहुंचने लगे हैं।

    इन गांवों में बह रहा है लाखों लीटर पानी
    तिल्लौरखुर्द के आसपास, सिमरोल, गोदड़ियाबड़, कालीचाट, हरनियाछापरा सहित कई गांवों में लाइनों के फूटने और वॉल्व लीकेज होने के कारण लाखों लीटर पानी बहता है और कई जगह तो लगे बड़े वॉल्व में लीकेज के कारण वहां बहने वाले पानी के फव्वारे में नहाने वालों की भीड़ पहुंचती है। इसके साथ ही पिकनिक मनाने वालों की भी भीड़ उमड़ने लगी है।

    कई नहरें बन गई और तेजी से बहता है पानी
    तिल्लौर, तिल्लौरखुर्द और आसपास के कई इलाकों में फूटी लाइन और वॉल्व लीकेज होने के कारण बहने वाले पानी के कारण वहां कई हिस्सों में पंजाब के समान नहरें नजर आती हैं, जिनमें तेजी से साफ पानी बहता नजर आता है। यह पानी आसपास के कई बड़े स्थानों पर जाकर थम जाता है तो कहीं खेत के आसपास के हिस्से पानी से लबालब नजर आते हैं।

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