
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर(External Affairs Minister S. Jaishankar) ने रविवार(Sunday) को सोशल मीडिया (social media)पर जानकारी दी कि उन्होंने पश्चिम एशिया(conflict in West Asia) में जारी तनाव और संघर्ष पर सऊदी अरब और यूएई के विदेश मंत्रियों (Foreign Ministers of Saudi Arabia)से चर्चा की। ईरान और अमेरिका-इजरायल(US-Israel axis,) के बीच बढ़ते तनाव के बीच, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिति को लेकर यह बैठक(meeting) अहम मानी जा रही है।
शनिवार रात जयशंकर ने यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से फोन पर बातचीत की। जयशंकर ने बताया कि जायद अल नाह्यान के साथ उन्होंने क्षेत्रीय स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। माना जा रहा है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा इस बातचीत का मुख्य मुद्दा था।
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग अवरुद्ध करने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया। यह मार्ग दुनिया के कुल तेल और एलएनजी का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा ले जाता है।
भारत का कच्चे तेल का टैंकर सुरक्षित निकला
हालांकि तेल टर्मिनल पर हाल ही में हमले हुए थे, फिर भी यूएई के फुजैराह से भारतीय ध्वज वाला कच्चे तेल का टैंकर ‘जग लाडकी’ सुरक्षित भारत के लिए रवाना हुआ। जहाज में लगभग 80,800 टन मुरबन कच्चा तेल है। भारतीय समयानुसार सुबह 10.30 बजे यह जहाज फुजैराह से निकल गया और सभी चालक दल सुरक्षित हैं।
सरकार की कार्रवाई
भारत सरकार ने कहा कि वह पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीब से नजर रख रही है और देश में ईंधन आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।एस जयशंकर ने सऊदी अरब और यूएई के विदेश मंत्रियों से तनाव पर चर्चा की।बातचीत में भारत की ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिति शामिल थी।होर्मुज जलडमरूमध्य की हालिया स्थिति ने तेल और गैस की कीमतों में उछाल लाया।भारतीय टैंकर ‘जग लाडकी’ सुरक्षित फुजैराह से रवाना हुआ।सरकार ने ईंधन आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की जानकारी दी।
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