
नई दिल्ली। देश (Country) में मौसम (Weather) एक बार फिर तेजी से करवट लेने वाला है। भारत मौसम विभाग (India Meteorological Department) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 14 मार्च से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि देश के कुछ हिस्सों, खासकर गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में गर्मी और लू का असर जारी रहने की आशंका भी बनी हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 14 और 15 मार्च को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद 15 से 18 मार्च के बीच इन राज्यों में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब तक बदलेगा मौसम
उत्तराखंड में भी 14 और 15 मार्च को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी हो सकती है, जबकि 15 और 16 मार्च को राज्य के अधिकतर इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई देगा। मौसम विभाग के अनुसार 14 से 17 मार्च के बीच पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। 15 से 17 मार्च के दौरान हरियाणा और चंडीगढ़ में भी इसी तरह का मौसम रह सकता है। उत्तर प्रदेश में 15 और 16 मार्च को आंधी और बारिश के आसार जताए गए हैं। वहीं राजस्थान के कुछ हिस्सों में 14 और 15 मार्च को गरज के साथ बारिश और वज्रपात हो सकता है।
कुछ राज्यों में लू का खतरा
जहां कई क्षेत्रों में बारिश से तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है, वहीं कुछ इलाकों में गर्मी का प्रकोप जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार गुजरात हिमाचल प्रदेश और कोंकण-गोवा के कुछ हिस्सों में लू चलने की आशंका है। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भीषण लू की स्थिति बन सकती है। गुजरात, केरल और तटीय कर्नाटक में उमस भरी गर्मी से फिलहाल राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। सौराष्ट्र और कच्छ में रात का तापमान भी अधिक रह सकता है, जिसे वार्म नाइट की स्थिति कहा जाता है।
जेट स्ट्रीम बना रही मौसम प्रणाली मजबूत
उत्तर-पश्चिम के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है। यह लगभग 12.6 किलीमीटर की ऊंचाई पर बह रही है और इसकी हवा की गति करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटे है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जेट स्ट्रीम पश्चिमी विक्षोभ को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब इसकी गति तेज होती है तो पश्चिमी विक्षोभ भी ज्यादा सक्रिय हो जाता है, जिससे बारिश और बर्फबारी की संभावना बढ़ जाती है।
पूर्वोत्तर भारत में आंधी-तूफान की आशंका
पूर्वोत्तर भारत में इस समय असम के आसपास एक चक्रवाती प्रसार सक्रिय है। इसके प्रभाव से असम और मेघालय में तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भी आंधी, वज्रपात और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। सिक्किम और उत्तर बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भी इसी तरह के मौसम की संभावना जताई गई है।
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