
Antalya, TURKEY – August 11, 2020. The Covid-19 coronavirus vaccine produced in Russia named Sputnik-V.va
इस्लामाबाद। एक तो दुनिया भर की तुलना में सबसे देरी से कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू होना. दूसरे चीन से दान से मिली वैक्सीन का बेकार निकलना… पाकिस्तान (Pakistan) की आवाम की तो जान ही सांसत में आ गई है. स्थिति यहां तक गंभीर हो गई है कि पाकिस्तान ने अपने यहां कोविड-19 (COVID-19) रोधी टीकाकरण अभियान की शुरुआत करने के एक दिन बाद कहा कि चीन का सिनोफार्म टीका 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए प्रभावी नहीं है. चीन ने पाकिस्तान को 5 लाख सिनोफार्म टीके दान किए थे, जिन्हें लेने सोमवार को पाकिस्तान से एक विमान गया था. इधर पाकिस्तान का पड़ोसी देश भारत कोरोना वैक्सीन (Corona Diplomacy) को 17 देशों में पहुंचा चुका है, जिसमें पड़ोसी देशों के साथ-साथ पश्चिम एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका भी शामिल हैं. आंकड़ों से पता चलता है कि भारत ने कोविड -19 टीकों की 56 लाख खुराक की सप्लाई दूसरे देशों को की है.
पाकिस्तान के वजीर-ए-आजम इमरान खान के स्वास्थ्य मामलों के विशेष सहायक डॉक्टर फैसल सुल्तान ने मीडिया से कहा कि पाकिस्तान की विशेषज्ञ समिति ने डाटा के प्रारंभिक विश्लेषण पर विचार करने के बाद सुझाव दिया है कि टीका केवल 18 से 60 साल तक के आयु समूहों के लोगों को लगाया जाए. उन्होंने कहा, ‘समिति ने इस चरण में सिनोफार्म टीके को 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए अधिकृत नहीं किया है.’ गौरतलब है कि चीन ने सरकारी कंपनी ‘सिनोफार्म’ द्वारा विकसित कोरोना वायरस के टीके को सशर्त मंजूरी दे दी थी. ‘सिनोफार्म’ ने इससे पहले कहा था कि उसका टीका जांच के अंतिम और तीसरे चरण के नतीजों के अनुसार, संक्रमण से बचाव में 79.3 फीसदी प्रभावी पाया गया है. चीनी अधिकारियों ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मानकों की तुलना में ‘सिनोफार्म’ के नतीजे 50 फीसदी बेहतर हैं.
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