
नई दिल्ली: कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने मंगलवार (07 अप्रैल) को कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ नहीं दिया तो कांग्रेस की सरकार बनने पर उन्हें यह सम्मान दिया जाएगा. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कांशीराम को ‘भारत रत्न’ देने की मांग की थी.
इस बारे में पूछे जाने पर गौतम ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘इस सरकार ने कई ऐसे लोगों को ‘भारत रत्न’ दिया, जिनका कद शायद कांशीराम साहब से बड़ा न हो और उनका योगदान भी शायद उतना बड़ा न हो. सामाजिक न्याय के क्षेत्र में कांशीराम साहब का योगदान बहुत बड़ा है. उन्होंने बहुजन समाज में राजनीतिक जागरुकता लाकर देश को बदलने का काम किया. उनका काम बहुत बड़ा है.’’
उनका कहना था, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उनको भारत रत्न देने में कोई अड़चन आनी चाहिए.’’उन्होंने यह भी कहा, ‘‘यदि यह सरकार कांशीराम साहब को ‘भारत रत्न’ नहीं देती है तो जब हमारी सरकार आएगी तो हम देंगे.’’ यह पूछे जाने पर कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए यह काम क्यों नहीं किया तो गौतम ने कहा, ‘‘अगर सामाजिक न्याय के बहुत सारे काम करते हुए कांग्रेस से कुछ चीजें छूट गईं और आज वह उसे ठीक करना चाहती है तो किसी को इसमें आपत्ति क्यों होनी चाहिए.’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘दलितों के उद्धार के लिए बाबासाहेब आंबेडकर का बहुत बड़ा संघर्ष रहा. उनके महापरिनिर्वाण के बाद उनके विचार पर आधारित कार्यों को कांग्रेस ने आगे बढ़ाया.’’ इस सवाल पर कि राहुल गांधी की ऐसी मांग का मकसद बसपा के वोटबैंक को अपनी ओर खींचना है तो गौतम ने कहा, ‘‘दलित किसी जेब में नहीं हैं. यह किसी को गलतफहमी नहीं होनी चाहिए. बसपा ने कहीं कोई समझौता कर लिया है, वह भाजपा के पक्ष में बोलती है.’’
उनका कहना था, ‘‘हमारे लोग (दलित) पहले ही कांग्रेस के साथ थे. आज राहुल गांधी जी हिस्सेदारी और भागीदारी की बात करते हैं. आज कांग्रेस में संगठन के भीतर एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के लिए 50 प्रतिशत पद निर्धारित हैं. आज दलित समाज को हिस्सेदारी मिलती दिख रही है तो यह समाज कांग्रेस के साथ फिर से जुड़ रहा है.’’
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