
विधानसभा में प्रस्तुत कैग की रिपोर्ट में और भी हुए खुलासे, 570 बिल्डिंगों में से 118 में मिलीं अनियमितताएं, बेसमेंट का दुरुपयोग भी
इंदौर। विधानसभा (Assembly) में प्रस्तुत कैग की रिपोर्ट (CAG report) पर पहली बार अवैध कॉलोनियों-बिल्डिंगों (Colonies-Buildings) के साथ नगर निगम (Municipal council) और नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा दी गई अनुमतियों की पोलपट्टी खुली है। इंदौर सहित सभी बड़े शहरों में जहां नदी-नालों की जमीनों पर अतिक्रमण हुए, तो लगभग 185 प्रकरण ऐसे पाए गए जहां पर कैचमेंट एरिया में अवैध निर्माण हो गए। बेसमेंट का दुरुपयोग तो सभी जगह पाया गया,वहीं अधिकांश मैरिज गार्डन भी बिना अनुमति संचालित हो रहे हैं। इंदौर के ही मास्टर प्लान में मैरिज गार्डनों के संचालन संबंधित नियम स्पष्ट हैं, जिसमें लगभग 40 फीसदी जगह गार्डन संचालक को पार्किंग के लिए छोडऩा अनिवार्य है। मगर एक भी गार्डन या होटल में इसका पालन नहीं होता। 570 बिल्डिंगों की जांच 118 में अनियमितताएं मिली हैं।
लोक निर्माण विभाग की सडक़ों से लेकर ठेकेदारों को हुए अवैध भुगतान के खुलासे तो कैग की रिपोर्ट में हुए ही, वहीं नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा मंजूर अभिन्यासों पर भी गंभीर आरोप लगे। इंदौर में तो बीते वर्षों में सवा सौ फीसदी से अधिक झुग्गियों की संख्या बढऩे की जानकारी के अलावा 600 से अधिक अवैध कॉलोनियां भी चिन्हित की गई, वहीं सभी बड़े शहरों से लगभग 260 करोड़ रुपए का आश्रय शुल्क वसूला, मगर इसके खर्च के ब्यौरे की कोई जानकारी नहीं है। यहां तक कि इंदौर के मास्टर प्लान से जुड़े सवालों के जवाब भी कैग को नगर तथा ग्राम निवेश ने नहीं दिए। अलबत्ता अभिन्यास मंजूरियों में की गई अनियमितताओं की जरूर पोलपट्टी खोल दी। इंदौर सहित प्रदेशभर में झुग्गी झोपडिय़ों की संख्या में बीते वर्षों में काफी वृद्धि हुई है और अवैध कॉलोनियों के मामले में तो इंदौर वैसे भी सबसे अव्वल है। 636 अवैध कॉलोनियां इंदौर निगम के कॉलोनी सेल में ही चिन्हित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों की कॉलोनियां तो अलग है ही। नदी-नालों की जमीनों पर कब्जे कर कॉलोनियां काटी और बिल्डिंगें भी बन गई हैं। खासकर कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण और अवैध निर्माण के चलते तालाबों में बारिश का पानी भी कम पहुंचता है। एनजीटी द्वारा जो दिशा-निर्देश जारी किए गए उनका भी पालन नहीं किया गया। कैग की रिपोर्ट बताती है कि नदी-नालों के किनारों से 9 से 15 मीटर तक की जगह छोडक़र निर्माण करने का नियम है, मगर 185 प्रकरणों की जांच में यह पाया गया कि कॉलोनाइजरों-बिल्डरों ने इस नियम का पालन नहीं किया।
मिश्रित उपयोग पर तन गर्इं होटल-होस्टल सहित अन्य व्यावसायिक बिल्डिंगें
एक नया खेल मिश्रित उपयोग का भी उजागर हुआ, जिसमें आवासीय भूखंडों पर नगर तथा ग्राम निवेश से मिश्रित उपयोग का अभिन्यास मंजूर करवाकर उन पर होटल-हॉस्टल सहित अन्य व्यवसायिक निर्माण कर लिए गए। जबकि ये सभी अवैध हैं। अभी विधानसभा में ही इंदौर की महालक्ष्मी नगर कॉलोनी के संबंध में जब क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र हार्डिया ने सवाल पूछा तो जवाब में विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि मिश्रित उपयोग के तहत भवन निर्माण की अनुमतियां दी गई, वहीं नगर निगम ने महालक्ष्मी नगर सहित अन्य किसी भी आवासीय कॉलोनी में होस्टल-होटल, स्टूडियो निर्माण की अनुमति जारी नहीं की। यानी ये सभी निर्माण अवैध हैं।
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