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मिस्र में 3,000 साल पुराना रहस्यमयी मकबरा मिला, ‘T’ आकार की संरचना और देवी-देवताओं की कलाकृतियां बनीं आकर्षण

July 13, 2026

नई दिल्ली। मिस्र के प्राचीन इतिहास से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण खोज ने पुरातत्व जगत का ध्यान खींचा है। दक्षिणी मिस्र (Southern Egypt) के लक्सर शहर में पुरातत्वविदों ने लगभग 3,000 वर्ष पुराना एक मकबरा खोजा है, जिसे रामेसाइड काल (Ramesside Period) का माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह खोज उस दौर की धार्मिक मान्यताओं, अंतिम संस्कार की परंपराओं और सामाजिक जीवन को समझने में नई जानकारी दे सकती है।

यह मकबरा लक्सर के पश्चिमी तट पर स्थित शेख अब्द अल-कुरना कब्रिस्तान में मिला है। इसकी खोज लीडेन यूनिवर्सिटी (नीदरलैंड) के पुरातत्व मिशन ने की है, जबकि मिस्र के पर्यटन एवं पुरावशेष मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की है।

‘पासेर’ नामक व्यक्ति से जुड़ा होने के संकेत

प्रारंभिक अध्ययन में मिले शिलालेखों और कलात्मक शैली के आधार पर शोधकर्ताओं का मानना है कि यह मकबरा ‘पासेर’ नाम के एक व्यक्ति का हो सकता है। इसकी वास्तुकला और दीवारों पर बनी नक्काशी इसे मिस्र के 19वें और 20वें राजवंश के रामेसाइड काल से जोड़ती है।

हालांकि वैज्ञानिक अभी यह पता लगाने के लिए विस्तृत अध्ययन कर रहे हैं कि मकबरे में वास्तव में किसे दफनाया गया था।



  • ‘T’ आकार की अनोखी संरचना

    मकबरे की बनावट प्राचीन थिबन (Theban) शैली के मकबरों जैसी है। इसमें एक खुला आंगन है, जो चट्टान को काटकर बनाई गई चैपल तक पहुंचता है। चैपल का विन्यास अंग्रेजी अक्षर ‘T’ जैसा दिखाई देता है, जो उस काल की विशिष्ट वास्तुकला का उदाहरण माना जाता है।

    इसके नीचे दफनाने के लिए विशेष कक्ष भी बनाए गए हैं, जो हजारों वर्ष बाद भी काफी हद तक सुरक्षित पाए गए हैं।

    देवी-देवताओं की पूजा दर्शाते चित्र

    खुदाई के दौरान पुरातत्वविदों को मिट्टी की ईंटों से बना एक मंच भी मिला, जिसके बारे में माना जाता है कि इसका उपयोग अंतिम संस्कार से जुड़े अनुष्ठानों में किया जाता था। प्रवेश द्वार तक जाने वाली सीढ़ियां भी अच्छी स्थिति में मिली हैं।

    मकबरे की दीवारों पर बने चित्रों में पासेर को विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा करते हुए दर्शाया गया है। कुछ चित्रों में वह अपनी पत्नी के साथ अर्पण की मेज के सामने बैठे दिखाई देते हैं। इन कलाकृतियों से उस समय की धार्मिक परंपराओं और सामाजिक जीवन की झलक मिलती है।

    आगे भी जारी रहेगा अध्ययन

    पुरातत्वविदों का कहना है कि मकबरे की विस्तृत जांच अभी जारी है। शोध के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि यहां दफन व्यक्ति की सामाजिक भूमिका क्या थी और उस समय के मिस्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं कैसी थीं।

    मिस्र सरकार को उम्मीद है कि इस नई खोज से देश की पुरातात्विक विरासत के प्रति वैश्विक रुचि बढ़ेगी और पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

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