img-fluid

इंदौर में 314 अंतरजातीय विवाह, 161 युवक-153 एससी युवतियों ने तोड़ी जाति की दीवार

February 24, 2026

2 करोड़ 84 लाख प्रोत्साहन राशि मिली, साढ़े 3 करोड़ अब भी बाकी

इंदौर। अंतरजातीय विवाह (inter-caste marriages ) प्रोत्साहन योजना के ताजा आंकड़े सामाजिक समरसता (social harmony) की एक सकारात्मक तस्वीर (positive picture) पेश कर रहे हैं। जारी विवरण के अनुसार कुल 314 दंपतियों ने जातिगत सीमाओं को तोड़ते हुए विवाह किया, जिनमें बड़ी संख्या अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से जुड़ी है।

आंकड़ों के मुताबिक 161 मामलों में युवक एससी वर्ग से हैं, जिन्हें सामान्य और ओबीसी वर्ग की युवतियों ने जीवनसाथी के रूप में अपनाया। इनमें 71 युवतियां सामान्य वर्ग से और 90 युवतियां अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं। वहीं 153 मामलों में युवतियां एससी वर्ग से हैं, जिन्हें सामान्य और ओबीसी वर्ग के युवकों ने जीवनसाथी बनाया। इनमें 64 युवक सामान्य वर्ग से तथा 89 युवक ओबीसी वर्ग के हैं।



  • इंदौर में पिछले 1 साल में 314 युवाओं ने अंतरजातीय विवाह कर न केवल सामाजिक बदलाव की मिसाल दी है, बल्कि जात-पांत से दूर दिल से जुड़ रहे रिश्तों को तवज्जो दी है। हालांकि सरकारी योजना के तहत इन दंपतियों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई है। अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत जनजातीय कार्य विभाग के पिछले वर्ष के आंकड़े दर्शाते हैं कि युवा पारंपरिक सोच के स्थान पर अब अपना सोलमेट ढंूढने पर ज्यादा उत्साहित हैं, चाहे वह किसी भी जाति-वर्ग का हो। पहले सिर्फ प्रोत्साहन राशि के लिए ही विभाग के मामले सामने आते थे, लेकिन बदलाव देखने को मिल रहा है। इस योजना का लाभ पहली बार विवाह कर रहे युवक-युवतियों को ही दिया जाता है । विवाह के 1 साल के अंदर 2 लाख का प्रोत्साहन लाभ लेने के लिए आवेदन करना अनिवार्य है।

    344 लाख अब भी बाकी
    जारी विवरण के मुताबिक कुल 314 दंपतियों के प्रकरणों में भुगतान की कार्रवाई की गई है। इस प्रकार कुल 161 युवक और 153 युवतियों को मिलाकर 314 दंपतियों को योजना का लाभ दिया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार इन प्रकरणों में अब तक 2 करोड़ 84 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि 344 लाख रुपए की स्वीकृत राशि अभी भुगतान के लिए लंबित है। विभाग का कहना है कि लंबित प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया तेज की जा रही है और पात्र हितग्राहियों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

    तकनीकी कारणों से अटका भुगतान
    अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य समाज में जातिगत भेदभाव को कम कर समानता और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है। शासन द्वारा पात्र दंपतियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर सम्मानपूर्वक वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए सहयोग दिया जाता है। जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दस्तावेजों की अपूर्णता या तकनीकी कारणों से कुछ भुगतान लंबित हैं, जिन्हें प्राथमिकता से निपटाया जा रहा है। विभाग ने हितग्राहियों से आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी करने की अपील की है।

    Share:

  • केरल विधानसभा का फैसला: गवर्नर के पत्रों पर नहीं होगा विचार, कैबिनेट का भाषण ही माना जाएगा आधिकारिक

    Tue Feb 24 , 2026
    तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा ने मंगलवार को एक अहम फैसला लिया। सदन ने तय किया कि गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने स्पीकर को जो पत्र लिखे थे, उन पर विचार करने की कोई जरूरत नहीं है। इन पत्रों में गवर्नर ने मांग की थी कि सदन में उन्होंने जो नीतिगत भाषण (पॉलिसी एड्रेस) पढ़ा था, उसे […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved