
जबलपुर। पंचायती राज व्यवस्था में महिला सशक्तिकरण और उनके नेतृत्व को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला पंचायत जबलपुर द्वारा अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस के अवसर पर आयोजित ‘ग्रामीण पंचायती राज महिला नेतृत्व कॉनक्लेवÓ सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। होटल रॉयल आर्बिट में आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य थीम ‘नारी नेतृत्व-सशक्त पंचायतÓ रखी गई थी, जिसमें जिले की कुल 379 निर्वाचित महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
तकनीकी सत्रों में हुआ मंथन
अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और जिला पंचायत अध्यक्ष आशा मुकेश गोटिया के स्वागत उद्बोधन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद आयोजित तकनीकी सत्रों में ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने, टैक्स संग्रहण व्यवस्था और ग्रामीण पेयजल प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। राज्यसभा सदस्य सुमित्रा वाल्मिक ने ग्रामीण विकास में महिला नेतृत्व के प्रशासनिक महत्व पर अपने विचार रखे।
सरपंचों ने साझा किए कर सुधार और जल प्रबंधन के अनुभव
पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह ने पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कर संग्रहण में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया। इस दौरान कर सुधार की दिशा में बेहतरीन कार्य करने वाली दो महिला सरपंचों ने मंच से अपने जमीनी अनुभव साझा किए। वहीं, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उईके ने हर घर जल और पेयजल प्रबंधन में महिला शक्ति की भागीदारी पर जोर दिया, जिसके बाद जल कर वसूली में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली दो महिला सरपंचों ने भी अपनी सफलता की कहानी बयां की। प्रदान संस्था के विशेषज्ञों ने भी जल संबंधी चुनौतियों और सहभागिता पर अपनी बात रखी। पूरा कार्यक्रम महिला अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रबंधन में संचालित किया गया, जिसने खुद महिला सशक्तिकरण की एक अनूठी मिसाल पेश की। कार्यक्रम के समापन पर जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस कॉनक्लेव का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधियों को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाना था ताकि वे समाज के विकास में निर्णायक भूमिका निभा सकें।
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