
उज्जैन। उज्जैन में साल 2014 से 2023 के बीच ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर 9 लोगों की हत्या हो चुकी है। जीआरपी पुलिस के रिकॉर्ड में यह बात सामने आई है।
उल्लेखनीय है कि ट्रेनों और रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा की जिम्मेदारी के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की नियुक्ति की गई है। इसमें रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी आरपीएफ पर है और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जीआरपी की है। यात्रा के दौरान सभी ट्रेनों में पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं और स्टेशनों पर भी काफी संख्या में जवान तैनात रहते हैं। इसके बाद भी हत्या और हत्या के प्रयास जैसी वारदात होना जीआरपी पुलिस पर कई सवाल खड़े करता है। बता दें कि ट्रेन के सफर को सबसे सुरक्षित माना जाता है। इसमें स्लीपर या एसी क्लास की व्यवस्था होने से यह सफर आरामदायक भी होता है, इसके बावजूद साल 2014 से साल 2019 के बीच उज्जैन रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में कुल 9 लोगों को मौत के घाट उतारा गया है जो एक जघन्य अपराध हैं और उज्जैन जीआरपी की निगरानी पर सवाल खड़े कर रहा है।

©2026 Agnibaan , All Rights Reserved