
पटना। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने बिहार में अकेले 45 साल और लालू प्रसाद की अंगुली पकड़ कर 10 साल राज किया, लेकिन आर्थिक विकास के किसी पैमाने पर कोई ऐसी उपलब्धि नहीं, जिसे वह जनता को बता सके। पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह ने ढांचागत विकास के लिए जो नींव के पत्थर लगाये, उस पर परवर्ती सरकारें इमारत नहीं बना सकीं। बाद में लालू-राबड़ी सरकार की पालकी ढोती कांग्रेस ने न तो नींव के पत्थर उखड़ने की चिंता की, न बिहार से श्रम, पूंजी और प्रतिभा के सामूहिक पलायन पर कोई सवाल उठाया।
एक अन्य ट्वीट में डिप्टी सीएम मोदी ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई को जब पहली वर्चुअल रैली की थी, तब राजद और कांग्रेस ने खूब छाती पीटी थी। आज राजद वर्चुअल रैली का समर्थक हो गया। 60 दिनों बाद कांग्रेस को समझ में आया कि कोरोना काल में जनता से संवाद का माध्यम वर्चुअल ही हो सकता है। वह कई चरणों में वर्चुअल रैली करने जा रही है, लेकिन जनता से कहेगी क्या। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद हालात को समझने और सही फैसले करने में इतने सुस्त हैं कि वे करोड़ों लोगों का जीवन बेहतर बनाने वाले त्वरित फैसले नहीं कर सकते। यह क्षमता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में है, इसलिए बिहार के विकास की रफ्तार लगातार दहाई अंकों में रही। कांग्रेस जब 15 महीने में एक पूर्णकालिक अध्यक्ष नहीं चुन पायी, तब विकास के नीतिगत फैसले क्या कर पाएगी। (एजेंसी, हि.स.)
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved