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इंदौर: नए रूप में निखर रहा पुराना एयरपोर्ट, सभी छोटे एटीआर विमानों का नए टर्मिनल से होगा संचालन

January 08, 2026

इसी साल में शुरू होगा नया टर्मिनल इंदौर में हवाई सेवाओं का विस्तार

इंदौर, विकाससिंह राठौर।
इंदौर (Indore) के देवी अहिल्याबाई होलकर विमानतल (airport) पर भी जल्द ही बड़े शहरों की तरह नया टर्मिनल (new terminal) टी-2 शुरू होने जा रहा है। इंदौर के पुराने हवाई अड्डे को नया रूप देकर यह नया टर्मिनल बनाया जा रहा है, जो नए स्वरूप में बहुत ही भव्य और आधुनिक होगा, जिसमें तमाम तरह की यात्री सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर का मुकाबला करेंगी। इस नए टर्मिनल ने आकार लेना शुरू कर दिया है और नए साल में इंदौरवासियों के लिए यह एक नई उपलब्धि के रूप में प्राप्त होगा। इस टर्मिनल के शुरू हो जाने के बाद सभी छोटे विमानों की उड़ान इसी टर्मिनल से शुरू किए जाने की योजना है।



  • मध्य भारत में पहली बार इंदौर में वर्ष 1934 में महाराजा यशवंतराव होलकर द्वितीय ने हवाई अड्डे की आधारशिला रखी थी। इसी टर्मिनल से इंदौर ने पहली बार आसमान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। हवाई सेवाओं के साथ इस हवाई अड्डे का लगातार विस्तार होता गया, लेकिन जब इंदौर में यात्री संख्या इतनी बढऩे लगी कि यह छोटा पडऩे लगा, तब इसके करीब ही नया टर्मिनल बनाया गया। फरवरी 2012 में नए टर्मिनल को शुरू करने के साथ ही पुराने टर्मिनल से उड़ानों का संचालन बंद कर दिया गया। अब जब नया टर्मिनल भी यात्री संख्या के सामने छोटा लगने लगा है और एक और नया टर्मिनल बनाने में देरी हो रही है, तब एक बार फिर पुराने टर्मिनल को ही आधुनिकीकरण के साथ नया रूप देकर दोबारा यात्रियों के लिए तैयार किया जा रहा है।

    कैसा होगा हमारा नया टर्मिनल, यानी टी-2 रोज 36 विमान होंगे शिफ्ट
    इंदौर एयरपोर्ट से अभी रोजाना औसत 100 उड़ानों का संचालन हो रहा है। इनमें करीब 36 छोटे एटीआर विमान शामिल हैं। टर्मिनल-2 शुरू होने के साथ ही इन सभी 72 सीटर छोटे विमानों का संचालन यहां से शुरू कर दिया जाएगा। इसके कारण टर्मिनल-1 पर यात्री और उड़ानों का दबाव काफी कम हो जाएगा। इससे यात्रियों को भी काफी सुविधा मिलेगी।

    14 चेकइन काउंटर्स, 3 बोर्डिंग गेट
    विमानतल के अधिकारियों ने बताया कि टर्मिनल-2 में यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 14 चेकइन काउंटर्स होंगे। साथ ही 3 बोर्डिंग गेट, 3 लाउंज और यात्रियों के सामान के लिए 2 कन्वेयर बेल्ट भी होंगे। यहां यात्रियों की सुविधा के लिए फूड जोन भी बनाया जाएगा और इस एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए पार्किंग व्यवस्था भी टर्मिनल के सामने ही होगी।

    यात्री क्षमता 50 लाख साल होगी
    अधिकारियों ने बताया कि अभी इंदौर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की क्षमता 40 लाख यात्री प्रतिवर्ष की है, जिसे इस साल इंदौर पार कर चुका है। टर्मिनल-2 तैयार होने पर इसकी क्षमता 10 लाख यात्री प्रतिवर्ष की होगी। इस तरह इंदौर एयरपोर्ट की कुल क्षमता 50 लाख यात्री प्रतिवर्ष की हो जाएगी, जिससे इंदौर में यात्रियों को टर्मिनल छोटा पडऩे के कारण हो रही असुविधा से राहत मिलेगी।

    2 साल में ये भी छोटा पड़ेगा
    एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक इंदौर एयरपोर्ट पर यात्री संख्या में वृद्धि दर 18 प्रतिशत प्रतिवर्ष है। इस साल 11 महीने में ही यात्री संख्या 40 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। टर्मिनल-2 बनने के बाद जहां इंदौर की कुल यात्री क्षमता 50 लाख सालाना हो जाएगी, वहीं वृद्धि दर से तुलना करें तो इंदौर 2 साल से भी कम समय में इस आंकड़े को पार कर लेगा। ऐसी स्थिति में 2 साल में ही दोनों टर्मिनल भी छोटे पडऩे लगेंगे। इसे देखते हुए जल्द ही इंदौर में एक और नया टर्मिनल बनाने की जरूरत होगी, जिस पर पहले ही सहमति बन चुकी है, लेकिन जमीन पर कब्जा न मिल पाने के कारण काम शुरू नहीं हो पाया है।

    नए टर्मिनल की योजना पर भी काम जारी
    इंदौर में बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए पुराने टर्मिनल को ही रिनोवेट करते हुए टर्मिनल-2 की तरह तैयार किया गया है। यह अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएगा। इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। इसके साथ ही भविष्य को देखते हुए नए टर्मिनल को तैयार करने की योजना पर भी काम जारी है। जल्द ही टर्मिनल के सामने की जमीन कवर करते हुए वहां मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाई जाएगी और मौजूदा कार पार्किंग की जगह पर नए टर्मिनल का काम शुरू किया जाएगा। -सुनील मग्गीरवार,
    इंदौर एयरपोर्ट डायरेक्टर

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