
भोपाल। भोपाल (Bhopal) गैस त्रासदी (Gas Tragedy) प्रभावित मरीजों के इलाज को और सुरक्षित व आधुनिक बनाने की दिशा में बीएमएचआरसी (BMHRC) ने बड़ा कदम उठाया है। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने बीएमएचआरसी में तीन अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं (State-of-the-art Medical Facilities) का उद्घाटन किया, जिससे अब अस्पताल (Hospital) में रक्त जांच से लेकर फेफड़ों (Lungs) की सटीक जांच और कैंसर (Cancer) से जुड़े टेस्ट तेजी से किए जा सकेंगे। डॉ. बहल ने कहा कि गैस पीड़ितों को विश्वस्तरीय और सुरक्षित उपचार देना आईसीएमआर की प्राथमिकता है और इसके लिए तकनीक व अनुसंधान दोनों को साथ लेकर चला जाएगा।
बीएमएचआरसी के ब्लड सेंटर में शुरू की गई NAAT लैब अब हर रक्त यूनिट की अनिवार्य जांच करेगी। इस तकनीक से एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और सी जैसे संक्रमण बहुत शुरुआती अवस्था में भी पकड़ में आ जाएंगे, जो सामान्य जांच में संभव नहीं होता। इससे थैलेसीमिया, कैंसर और बार-बार रक्त चढ़वाने वाले मरीजों को अधिकतम सुरक्षा मिलेगी।
बॉडी प्लेथिस्मोग्राफी मशीन से अब फेफड़ों की वास्तविक क्षमता और अवरोध का बेहद सटीक आकलन संभव होगा। गहरी सांस के बाद फेफड़ों में मौजूद हवा और सांस छोड़ने के बाद बची हवा तक का मापन होने से डॉक्टरों को बीमारी की सही स्थिति समझने में मदद मिलेगी, जिससे इलाज की दिशा और बेहतर होगी।
इंटीग्रेटेड बायोकेमिस्ट्री व इम्यूनोअसे एनालाइजर से हार्मोन, कैंसर मार्कर और संक्रमण से जुड़े महत्वपूर्ण टेस्ट तेजी से और एक ही जगह हो सकेंगे। इससे गंभीर मरीजों के इलाज में समय बचेगा और बाहर की लैब पर निर्भरता खत्म होगी। दौरे के दौरान डॉ. बहल ने बीएमएचआरसी की 25 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का विमोचन किया और चिकित्सकों व वैज्ञानिकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि इलाज के साथ-साथ अनुसंधान को समान प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि गैस त्रासदी से जुड़े दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों पर ठोस वैज्ञानिक समाधान निकाले जा सकें।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved