
इंदौर। प्रकृति और पर्यावरण सरंक्षण का पाठ पढ़ाने के लिए इंदौर (Indore) सहित पूरे प्रदेश में वन विभाग के माध्यम से एक अनुभूति कैम्प में लगभग 85 हजार रुपए खर्च कर रही है। इंदौर वनमण्डल (Indore Forest Division) का 5वां अनुभूति कैम्प सिमरोल आईआईटी कॉलेज नगर वन में लगने जा रहा है।
इंदौर वनमण्डल में आगामी 22 जनवरी तक कुल 10 अनुभूति कैम्प लगना है। इस दौरान इंदौर वनमण्डल 8 लाख 50 हजार रुपए खर्च कर रहा है। इंदौर वनमण्डल डीएफओ प्रदीप मिश्रा के अनुसार सरकार सहित वन विभाग का उद्देश्य है कि प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का महत्व स्टूडेंट्स को स्कूल लाइफ से इस तरह समझा दिया जाए कि वह आगे चलकर खुद प्रकृति का संरक्षक अथवा पर्यावरण का प्रहरी बन सके। इसी लक्ष्य के चलते इंदौर वनमण्डल में 6 से 22 जनवरी तक 10 अनुभूति कैम्प लगा रहा है।
पर्यावरण प्रहरी की शपथ दिलाई जा रही है
पहला कैम्प उमरीखेड़ा एडवेंचर ईको पार्क में 6 जनवरी को लगाया गया था। इसके बाद से 10 जनवरी तक कालाकुंड, जानापाव सहित कालीघाटी में अब तक 4 अनुभूति कैम्प लगाए जा चुके हैं। इस दौरान स्कूली बच्चों को जंगल की सैर कराते हुए पक्षियों, वन्यजीवों और औषधीय पौधों की पहचान कराई जाती है। इसके अलावा चित्रकला और क्विज कॉम्पिटिशन, साहसी खेलकूद सहित मनोरंजक खेलों के साथ इन्हें पर्यावरण और वन्यजीवों की रक्षा की शपथ दिलाई जाती है।
कल सिमरोल में वनमण्डल का कैम्प
डीएफओ मिश्रा के अनुसार कल 12 जनवरी को 5वां अनुभूति कैम्प वन विभाग द्वारा 1 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए जा रहे आईआईटी कालेज सिमरोल नगर वन में लगाया जाएगा। इसके बाद 15 जनवरी को बड़गोंदा नर्सरी, 19 और 20 जनवरी मतलब 2 दिन रालामण्डल अभयारण्य में, 21 को देव गुराड़िया नगरवन में और आखरी अनुभूति कैम्प 22 जनवरी को फिर दोबारा और इस साल का आखिरी कैम्प बड़गोंदा नर्सरी में लगेगा। दरअसल इंदौर वनमण्डल में रालामण्डल अभयारण्य सहित चोरल, महू, मानपुर, इंदौर इन सभी फॉरेस्ट रेंज में 2-2 अनुभूति कैम्प लगाए जा रहे हैं। एक कैम्प में कम से कम 2 सरकारी स्कूल के 100 से ज्यादा स्कूली स्टूडेंट्स शामिल होते हैं। इनको सुबह 9 से शाम 5 बजे तक सैर-सपाटा और मनोरंजन के साथ पर्यावरण का पाठ पढ़ाया जाता है।
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