img-fluid

मुस्लिम देश को अपने छात्रों के आतंकी बनने का डर, स्कॉलरशिप पर लगाई रोक

January 13, 2026

अबूधाबी । संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ब्रिटेन जाकर पढ़ाई करने के लिए अपने छात्रों की स्कॉलरशिप पर रोक (Scholarships suspended) लगा दी है। असल में यूएई (UAE) को डर है कि कहीं उनके छात्र ब्रिटिश एजुकेशन सिस्टम में मौजूद मुस्लिम ब्रदरहुड एलीमेंट्स के प्रभाव में आकर आतंक का रास्ता न चुन लें। असल में ब्रिटिश सरकार ने मुस्लिम ब्रदरहुड पर बैन लगाने से इनकार कर दिया है। इसके बाद ही यूएई सरकार ने यह फैसला लिया। बता दें कि मुस्लिम ब्रदरहुड को यूएई समेत कई अन्य मुस्लिम देशों ने आतंकी संगठन घोषित कर रखा है।

कब से लगी है रोक
वैसे तो यूएई ने ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप पर रोक पिछले साल जून में ही लगा दी थी। लेकिन ब्रिटिश अखबारों, द फाइनेंशियल टाइम्स और द टाइम्स ने इस बारे में खबरें प्रकाशित होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। इन अखबारों में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई मिनिस्ट्री ऑफ हायर एजुकेशन ने विदेशी संस्थानों की एक रिवाइज्ड लिस्ट जारी की है, जिनके लिए स्कॉलरशिप दी जानी है। इस लिस्ट में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और इजरायल के शैक्षणिक संस्थानों के नाम हैं। लेकिन ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज के नाम इस लिस्ट से गायब हैं। ऐसा तब है जबकि ब्रिटेन कई विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थानों का गढ़ है। इस बारे में जब ब्रिटिश अधिकारियों ने सवाल उठाए तो यूएई के एक अधिकारी ने बताया कि यूएई नहीं चाहता है कि कैंपस में पढ़ते समय उसके देश के बच्चे कट्टरपंथी बनें।



  • क्या है यूएई की चिंता
    फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, यूएई की चिंता का विषय यह है कि ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में इस्लामी प्रभाव का खतरा है। इस चिंता की जड़ में है, मुस्लिम ब्रदरहुड संगठन। यूएई ब्रदरहुड को एक आतंकवादी संगठन के रूप में प्रतिबंधित कर चुका है। वह लंबे समय से यूरोपीय सरकारों को भी ऐसा करने के लिए दबाव बना रहा है। हालांकि, ब्रिटेन ने इसका विरोध किया है। 2015 में सऊदी अरब की चेतावनियों के बाद ब्रिटेन सरकार की एक व्यापक समीक्षा में पाया गया कि वैसे तो इस समूह के विश्वास ब्रिटिश मूल्यों से भिन्न हैं, लेकिन ब्रिटेन में या ब्रिटेन के खिलाफ किसी तरह की आतंकी गतिविधि में मुस्लिम ब्रदरहुड की भूमिका नहीं पाई गई।

    क्या है मुस्लिम ब्रदरहुड
    मुस्लिम ब्रदरहुड या इखवान अल-मुस्लिमुन एक अंतरराष्ट्रीय सुन्नी इस्लामी संगठन है। इसकी स्थापना 1928 में मिस्र के इस्माइलिया में एक स्कूली शिक्षक और इस्लामी विद्वान हसन अल-बन्ना ने की थी। यह ओटोमन खलीफा के पतन, पश्चिमी उपनिवेशवाद और धर्मनिरपेक्ष प्रभावों के जवाब में उभरा और इसका उद्देश्य कुरान और हदीस के उपदेशों को व्यक्तिगत, सामाजिक और राजनीतिक जीवन में व्यापक रूप से लागू करके इस्लामी समाज को पुनर्जीवित करना है। इसकी मूल विचारधारा के मुताबिक इस्लाम समाधान है। यह शरिया-शासित समाजों में शिक्षा, दान और राजनीतिक भागीदारी के जरिए सुधार को बढ़ावा देती है।

    मुस्लिम ब्रदरहुड ने अरब स्प्रिंग के बाद 2011 और 2013 के बीच मिस्र में संक्षिप्त रूप से सत्ता संभाली थी। उस वक्त मोहम्मद मुर्शी को राष्ट्रपति चुना गया था। बाद में एक सैन्य तख्तापलट के बाद बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं और इजिप्ट ने इसे एक आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित कर दिया। जनवरी 2026 तक यह कई देशों में प्रतिबंधित हो चुका है। इनमें इजिप्ट, सऊदी अरब, यूएई, रूस और जॉर्डन के नाम शामिल हैं।और तय समय पर अमल में लाई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, सोलतानी की बहन ( लाइसेंस प्राप्त वकील) ने कानूनी तरीके से मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश की है। लेकिन उन्हें अब तक केस फाइल तक पहुंच नहीं दी गई है और न ही सोलतानी का प्रतिनिधित्व करने या सजा को चुनौती देने की अनुमति मिली है।

    Share:

  • ईरान में फैले खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों के बीच 26 साल के युवक को सजा-ए-मौत

    Tue Jan 13 , 2026
    तेहरान। ईरान (Iran) इस वक्त जल रहा है। खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों (Khamenei anti-government protests)  के बीच हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ईरानी अधिकारी देशव्यापी अयातुल्लाह अली खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े पहले फांसी (Execute) के मामले की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 26 वर्षीय इरफान सोलतानी को 8 जनवरी 2026 को […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved