
जोधपुर । डीआरएम अनुराग त्रिपाठी (DRM Anurag Tripathi) ने बताया कि मकर सक्रांति पर (On Makar Sankranti) रेलवे ट्रैक एवं परिसरों के आसपास (On Railway tracks and Premises) पतंगबाजी न की जाए (Kite Flying should not be Done) ।
मकर सक्रांति पर्व के अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे, जोधपुर रेल मंडल द्वारा विशेष संरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के दिशा-निर्देशन में रेलवे प्रशासन आमजन की सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मकर सक्रांति भारतवर्ष में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। जोधपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में इस दिन पतंगबाजी की परंपरा है, लेकिन हर वर्ष रेलवे ट्रैक के आसपास पतंग उड़ाने के कारण कई गंभीर दुर्घटनाएं सामने आती हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में जोधपुर रेल मंडल के लगभग सभी रेलखंडों पर विद्युत कर्षण प्रणाली के तहत रेलगाड़ियों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में रेलवे ट्रैक को अनधिकृत रूप से पार करना न केवल खतरनाक है, बल्कि रेल अधिनियम 1989 की धारा 147 के अंतर्गत दंडनीय अपराध भी है। इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना या 6 माह तक का कारावास अथवा दोनों का प्रावधान है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाली ओवरहेड विद्युत लाइनों में लगभग 25 हजार वोल्ट का विद्युत प्रवाह रहता है। पतंग की डोर के इन तारों के संपर्क में आने से गंभीर विद्युत दुर्घटना हो सकती है। विशेष रूप से धातु युक्त मांझा करंट को अत्यधिक तीव्र बना देता है, जिससे जान जाने का खतरा रहता है। इसके अलावा रेलवे ट्रैक पर तेज गति से गुजरने वाली रेलगाड़ियों से भी गंभीर हादसों की आशंका बनी रहती है। रेलवे प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि मकर सक्रांति के पर्व पर पतंगबाजी रेलवे ट्रैक, ओवरहेड विद्युत लाइनों एवं रेलवे परिसरों से दूर, सुरक्षित स्थानों पर ही करें, ताकि स्वयं की और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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