
देहरादून: देहरादून कोर्ट में कुकर्म के दोषी स्कूल वार्डन को निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करना उल्टा पड़ गया. कोर्ट ने दोषी की सजा को 2 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दिया. साथ ही जुर्माने की राशि को बढ़ाकर 15000 रुपए कर दिया. कोर्ट ने दोषी वार्डन को 29 जनवरी तक पेश होने का आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने दोषी की उस याचिका को भी खारिज कर दिया है, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए सजा माफ करने की मांग की थी.
कोर्ट ने यह फैसला बीते गुरुवार को दिया. पीड़ित पक्ष की अपील को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने माना कि शिक्षक-वार्डन के द्वारा नाबालिक छात्र के साथ ऐसा कृत्य करना एक गंभीर अपराध है. फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि घटना के समय पीड़िता छात्र की उम्र महज 13 वर्ष की थी.
दोषी हास्टल का वार्डन था और उसकी जिम्मेदारी बच्चों की सुरक्षा की थी. कोर्ट ने कहा कि वार्डन ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और छात्र को मानसिक व शारीरिक रूप से आघात पहुंचाया. जिससे लिए वार्डन को मांफ नहीं किया जा सकता है.
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