जयपुर। राजस्थान के अलवर में बसंत पंचमी (Basant Panchami) पर एक ऐसी अनोखी शादी (unique wedding) हुई, जिसकी चर्चा अब हो रही है. दोनों हत्या के मामले में जेल में सजा काट रहे हैं. इस दौरान जयपुर की ओपन जेल में दोनों की मुलाकात हुई, और मुलाकात प्यार में बदली. इस दौरान करीब 6 महीने तक दोनों के बीच बातचीत होती रही. ये सिलसिला चलता रहा. दोनों ने कोर्ट में 15 दिन के पैरोल की अर्जी लगाई. कोर्ट से पैरोल मिलने के बाद हिंदू रीति-रिवाज से दोनों के परिवार की सहमति से अलवर के एक होटल में दोनों की शादी संपन्न हुई.
प्रिया और हनुमान के परिवार के लोगों ने गुपचुप तरह से इस पूरी शादी कार्यक्रम को किया. शुरुआत में परिवार के सदस्य ने बताया कि जयपुर में शादी हो रही है, लेकिन शादी अलवर के एक होटल में हुई. इस दौरान केवल कुछ चुनिंदा लोगों को शादी में बुलाया गया, जिन लोगों को शादी में निमंत्रण दिया गया. उनको ना तो फोटो खींचने की अनुमति थी. ना ही किसी से बात करने की अनुमति दी गई. शादी के बाद दुल्हन भी घर नहीं पहुंची. ऐसे में यह पूरी शादी चर्चा का विषय बनी रही.
जेल मेतं पनपी ‘क्राइम वाली लव स्टोरी’
सांगानेर खुली जेल (Open Jail) में उम्रकैद की सजा काट रहे इन दोनों कैदियों की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है. करीब 6 महीने पहले इनकी जेल परिसर में मुलाकात हुई थी. सजा काटते-काटते दोनों एक-दूसरे के करीब आए और शादी करने का फैसला किया. 21 जनवरी को लग्न और 22 जनवरी को चाक व भात की रस्में पूरी हो चुकी हैं, और 23 जनवरी को शादी संपन्न हुई.
प्रिया सेठ: ‘हनीट्रैप’ और सूटकेस में मिली लाश
मई 2018 में प्रिया सेठ ने डेटिंग ऐप टिंडर के जरिए जयपुर के दुष्यंत शर्मा को अपने जाल में फंसाया था. प्रिया ने अपने तत्कालीन प्रेमी दीक्षांत कामरा का कर्ज उतारने के लिए दुष्यंत के अपहरण और फिरौती की साजिश रची. उसने दीक्षित के परिवार से 10 लाख की फिरौती मांगी. लेकिन 3 लाख मिलने के बाद भी पकड़े जाने के डर से प्रिया और उसके साथियों ने दुष्यंत की हत्या कर दी. पहचान छुपाने के लिए उसने दीक्षित के चेहरे पर चाकू से वार किए और फिर शव को सूटकेस में भरकर दिल्ली रोड पर फेंक दिया था. प्रिया को नवंबर 2023 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.
हनुमान प्रसाद: प्रेमी के लिए अपनों का कत्लेआम
हनुमान प्रसाद का इतिहास भी कम भयावह नहीं है. हनुमाने प्रेमिका के साथ मिलकर उसके पति और बच्चों की हत्या कर दी थी. वह अलवर के उस बहुचर्चित हत्याकांड का मुख्य आरोपी है जिसमें एक मां (संतोष) ने अपने प्रेमी (हनुमान) के साथ मिलकर अपने ही पति और 4 मासूम बच्चों (भतीजे सहित) की गला रेतकर हत्या कर दी थी. वारदात 2 अक्टूबर 2017 को हुई जब रात को हनुमान ने जानवर काटने वाले चाकू से पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. अलवर के इस नरसंहार ने पूरे देश को हिला दिया था.
क्या कहता है कानून?
जेल में बंद कैदियों को शादी करने के लिए पैरोल मिलना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. इसी के तहत राजस्थान हाईकोर्ट ने दोनों को 15 दिन की राहत दी है. हालांकि, यह शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि दूल्हा और दुल्हन दोनों ही जघन्य अपराधों के दोषी हैं. इस विवाह समारोह में पुलिस प्रशासन की भी पैनी नजर रहेगी.
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