
इंदौर। लाख कोशिशों के बावजूद कांग्रेस में गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इसी कारण प्ूरे प्रदेश में 300 के करीब ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति अटकी पड़ी है। इसमें इंदौर के 4 ब्लाक शामिल हैं, वहीं तीन नंबर विधानसभा के तीनों ब्लाक ही खाली पड़े हैं। ऐसे में संगठन के काम में भी परेशानी आ रही है। शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे भी इस गुटबाजी से उभर नहीं पा रहे हैं। कहा जा रहा है कि अब स्वयं प्रदेश अध्यक्ष इस मामले में फैसला लेंगे।
राहुल गांधी ने संगठन को मजबूत करने के लिए युवाओं को जिले की कमान सौंपी हैं, लेकिन युवा होने के कारण कई वरिष्ठ नेता उनकी सुनते नहीं हैं और इसी कारण गुटबाजी और बढ़ती दिखाई दे रही है। बड़े नेताओं के समर्थक भी अपने-अपने हिसाब से संगठन में पद चाहते हैं, लेकिन उनक वर्तमान जिलाध्यक्षों से पटरी नहीं बैठ रही है। इसी कारण कांग्रेस संगठन की नीचे की इकाई ब्लाक में अध्यक्षों की नियुक्ति लटकी हुई है। प्रदेश में 300 के करीब ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति की जाना है। कई ब्लाक अध्यक्ष घोषित हो चुके हैं, लेकिन वे भी अपने हिसाब से काम नहीं कर पा रहे हैं और उन पर जिलाध्यक्षों का नियंत्रण भी नहीं है।
इंदौर की बात करें तो यहां कुल 24 ब्लाक है। विधानसभा 1, 2, 4 और राऊ के सभी ब् लाक में अध्यक्षों की नियु$िक्त की जा चुकी है, लेकिन 3 नंबर विधानसभा के सभी 3 ब्लाकों में अभी तक एक भी नियुक्ति नहीं हो पाई है। कारण यहां की गुटबाजी है। जीतू पटवारी समर्थक अरविन्द बागड़ी यहां से अपने हिसाब से ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति करवाना चाह रहे हैं। दूसरी ओर यहां से विधानसभा चुनाव लड़ चुके पिंटू जोशी अभी भी इस विधानसभा में अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए अपने अध्यक्षों की नियुक्ति चाह रहे हैँ तो अश्विन जोशी के समर्थक भी चाहते हैं कि उनके हिसाब से ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति हो, ताकि चुनाव में उन्हें लाभ मिल सके। इसी कारण ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति टलती जा रही है, वहीं पांच नंबर के एक मुस्लिम ब्लाक में भी यही हाल है। यहां भी अभी तक अध्यक्ष की नियुक्ति लंबित पड़ी है।
इस तरह इंदौर में 4 ब्लाक अध्यक्ष नियुक्त होना है। शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे भी इस गुटबाजी से पार नहीं पा रहे हैं। चौकसे ने कोशिश भी की, लेकिन अपने से अनुभवी नेताओं के आगे उन्होंने घुटने टेक दिए। पीसीसी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने इनकी सूची अपने पास मंगवा ली है और वे विशेष रूचि के चलते इनकी नियुक्ति जल्द से जल्द करना चाह रहे हैं, ताकि संगठन के कामों को गति मिल सके। दावा तो यह किया जा रहा है कि फरवरी माह में प्रदेश के सभी ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति हो जाएगी और संगठन के कामकाज आगे बढ़ाए जाएंगे।
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