
नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026 (Union Budget 2026) को लेकर आम करदाताओं (Common Taxpayers) को उम्मीद थी कि इनकम टैक्स स्लैब (Inomce Tax Slab), स्टैंडर्ड डिडक्शन या टैक्स दरों में कुछ राहत दी जाएगी। हालांकि बजट में ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पुराना और नया—दोनों टैक्स सिस्टम पहले की तरह ही लागू रहेंगे। ऐसे में टैक्सपेयर्स को एक बार फिर खुद यह आकलन करना होगा कि उनके लिए कौन-सा रिजीम ज्यादा फायदेमंद साबित होगा।
पिछले कुछ वर्षों से सरकार नए टैक्स रिजीम को प्राथमिकता देती आ रही है। इस व्यवस्था में टैक्स की दरें अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन इसके बदले अधिकांश छूट और कटौतियों का लाभ नहीं मिलता। इसी कारण कई करदाता नए सिस्टम को अपना चुके हैं, जबकि अब भी एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो पुरानी टैक्स व्यवस्था को अधिक लाभकारी मानता है। बजट 2026 के बाद यह निर्णय और भी महत्वपूर्ण हो गया है कि अलग-अलग इनकम स्लैब और उपलब्ध कटौतियों के आधार पर किस टैक्स रिजीम को चुनना समझदारी होगी।
क्या है डिटेल
अगर किसी व्यक्ति को कोई भी टैक्स छूट या डिडक्शन नहीं मिलती, तो लगभग हर इनकम लेवल पर नया टैक्स रिजीम ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। 6 लाख से 12 लाख रुपये तक की इनकम पर पुराने रिजीम में टैक्स देना पड़ता है, जबकि नए रिजीम में टैक्स या तो शून्य रहता है या काफी कम होता है। यहां तक कि 13–15 लाख की इनकम पर भी नया टैक्स रिजीम हजारों रुपये की टैक्स बचत देता है।
वहीं, अगर आप सेक्शन 80C (नई टैक्स कानून में सेक्शन 123) के तहत PPF, LIC, ELSS या PF जैसी योजनाओं में निवेश करते हैं, तब भी नए टैक्स रिजीम का फायदा कई मामलों में बना रहता है। हालांकि जैसे-जैसे इनकम 13–15 लाख के पार जाती है, दोनों रिजीम के बीच का फर्क कम होने लगता है, लेकिन फिर भी नए सिस्टम में टैक्स बोझ अपेक्षाकृत कम रहता है।
अगर टैक्सपेयर को 80C के साथ-साथ 80D (हेल्थ इंश्योरेंस) की भी छूट मिलती है, तब भी नए टैक्स रिजीम का फायदा 12 लाख रुपये तक की इनकम पर साफ दिखता है। हालांकि 13 लाख रुपये के बाद कुछ मामलों में पुराने टैक्स रिजीम और नए रिजीम के टैक्स में अंतर घट जाता है, लेकिन पूरी गणना करने पर नया विकल्प अब भी आकर्षक नजर आता है।
असल मोड़ तब आता है जब कोई व्यक्ति होम लोन के ब्याज पर सेक्शन 24(b) के तहत बड़ी छूट लेता है। ऐसे मामलों में, खासकर 13–15 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वालों के लिए, पुराना टैक्स रिजीम ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। 20 लाख, 25 लाख या 30 लाख की इनकम पर पुराने टैक्स सिस्टम में कुल टैक्स बचत एक लाख रुपये से भी ज्यादा हो सकती है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 ने टैक्सपेयर्स को कोई सीधी राहत नहीं दी, लेकिन यह साफ कर दिया कि एक ही टैक्स सिस्टम सभी के लिए सही नहीं है। अगर आपकी इनकम सैलरी पर आधारित है और आप ज्यादा निवेश या होम लोन की छूट नहीं लेते, तो नया टैक्स रिजीम बेहतर है। वहीं, अगर आप 80C, 80D और होम लोन जैसी बड़ी कटौतियों का फायदा उठाते हैं, तो पुराने टैक्स रिजीम में बने रहना ज्यादा समझदारी हो सकती है। टैक्स चुनने से पहले अपनी पूरी इनकम और डिडक्शन की गणना करना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
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