
नई दिल्ली। कर्नाटक (Karnataka) में भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस (Lokayukta Police) ने शिरहट्टी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक चंद्रू लमानी (BJP MLA Chandru Lamani) को गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ दो सहायकों मंजुनाथ वाल्मीकि और गुरुनायक को भी हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई सिंचाई परियोजना से जुड़े रिश्वत मामले में जाल बिछाकर की गई।
क्या है मामला?
गदग जिले के चिंचली के ठेकेदार विजय पुजारी ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, लघु सिंचाई विभाग के अंतर्गत सड़क के दोनों ओर रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) निर्माण कार्य को सुचारू रूप से चलाने और बिलों का भुगतान सुनिश्चित करने के बदले विधायक ने कुल 11 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
लोकायुक्त अधिकारियों ने जाल बिछाया और उस समय कार्रवाई की जब विधायक और उनके दोनों सहयोगियों ने कथित रूप से रिश्वत की पहली किस्त 5 लाख रुपये स्वीकार की। मौके पर ही तीनों को हिरासत में लिया गया और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “अब भाजपा नेता क्या कहेंगे? दूसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना आसान है, लेकिन उनका अपना विधायक रंगे हाथों पकड़ा गया। लोकायुक्त को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दें।”
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने व्यंग्य करते हुए कहा, “भाजपा नेता बहुत ईमानदार हैं, शायद लोकायुक्त को कोई गलत जानकारी मिली होगी।”
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा कि वे तथ्यों की पुष्टि के बाद बयान देंगे। भाजपा प्रवक्ता अशोक गौड़ा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जानबूझकर विपक्ष के नेताओं को निशाना बना रही है, जबकि ठेकेदार खुद कांग्रेस में भ्रष्टाचार की शिकायतें कर रहे हैं।
प्रतिक्रिया और विरोध
विधायक की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही गदग में उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया और सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
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