
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने रविवार को पार्टी नेता आदित्य ठाकरे के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आने वाले राज्यसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की तरफ से जीतने वाली सीट पर उनकी पार्टी का ‘पहला हक’ है। इसका कारण यह है कि विपक्षी गठबंधन में उनके पास सबसे ज्यादा विधायक हैं।
अप्रैल महीने में कई नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी, एनसीपी (एसपी) की फौजिया खान, आरपीआई (अठावले) के रामदास अठावले, बीजेपी के भागवत कराड, कांग्रेस की रजनी पाटिल और एनसीपी के धैर्यशील पाटिल शामिल हैं। विपक्ष के गठबंधन महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के पास विधायकों की संख्या कम है। इस वजह से वे संसद के ऊपरी सदन यानी राज्यसभा में अपना केवल एक ही उम्मीदवार भेज सकते हैं।
इस हफ्ते की शुरुआत में आदित्य ठाकरे ने कहा था कि विधानसभा में उनकी पार्टी की संख्या को देखते हुए राज्यसभा सीट पर उनका हक बनता है। पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं है। उन्होंने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) के पास 20 विधायक हैं, जो विपक्ष में सबसे ज्यादा हैं। कांग्रेस के पास 16 और एनसीपी (एसपी) के पास 10 विधायक हैं। इसलिए सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते पहला हक उनका है।
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