
अयोध्या । वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Senior Congress leader Digvijay Singh) ने अयोध्या के राम मंदिर में (In Ram Temple at Ayodhya) पूजा-अर्चना की (Offered Prayers) । उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण का कभी विरोध नहीं किया, बल्कि इसके विपरीत मंदिर ट्रस्ट को दान दिया था ।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह गुरुवार को अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचे और वहां पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा, “राम नवमी के शुभ अवसर पर, मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। भगवान राम का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।” राहुल गांधी के अयोध्या दौरे से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा, “उनसे (राहुल गांधी से) इसके बारे में पूछिए, उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है।” इसके बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या के हनुमान गढ़ी और राम मंदिर में दर्शन किए।
गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने राम मंदिर निर्माण के समर्थन में कभी खुलकर बात नहीं की है। उसने जनवरी 2024 में हुए प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण भी ठुकरा दिया था, जिसे उसने चुनावी हितों से प्रेरित एक ‘राजनीतिक कदम’ बताया था। पार्टी ने यह भी कहा था कि उस समय मंदिर का निर्माण कार्य अधूरा था और यह आयोजन पूरी तरह से धार्मिक न रहकर एक पक्षपातपूर्ण रूप ले चुका था।
इस मुद्दे पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए, दिग्विजय सिंह ने अपनी निजी राय स्पष्ट करते हुए कहा, “मैंने इसका कभी विरोध नहीं किया। मैंने दान के माध्यम से अपना योगदान दिया था। मैंने मंदिर के लिए 1.10 लाख रुपए का दान दिया था। मैं यहां राजनीति करने नहीं आया हूं।” हालांकि, दिग्विजय सिंह के अयोध्या दौरे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। भाजपा ने उनकी आलोचना करते हुए कहा कि राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए कांग्रेस नेतृत्व को पहले भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने उसमें शामिल न होने का फैसला किया था।
भोपाल से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा, “मैं उनसे अनुरोध करूंगा कि राम मंदिर की अपनी यात्रा के दौरान, वे कृपया उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें, जिन्होंने 1992 में गोलियां खाई थीं।” उन्होंने आगे कहा कि अगर देश के राजनीतिक नेतृत्व ने इस सच्चाई को पहले ही समझ लिया होता, तो अयोध्या में राम मंदिर कई साल पहले ही बन गया होता।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved