img-fluid

होर्मुज पर मंडराया खतरा! ईरान ने गुप्त बंकरों से बाहर निकाली 100 नई मिसाइल

April 19, 2026

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका (Iran and the United States) के बीच युद्धविराम (Armistice) के बावजूद खाड़ी देशों में शांति का भविष्य धुंधला नजर आ रहा है. अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों (US intelligence reports) ने खुलासा किया है कि हफ्तों तक चले भीषण संघर्ष के बाद भी ईरान का सैन्य ढांचा पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ है. अमेरिकी सैन्य और खुफिया अधिकारियों के ताजा विश्लेषण के अनुसार, ईरान के पास अभी भी युद्ध से पहले के मुकाबले 40% लड़ाकू ड्रोन और 60% से अधिक मिसाइल लॉन्चर पूरी तरह सुरक्षित और सक्रिय हैं. इतना ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ईरान ने अपने गुप्त बंकरों और सुरंगों से करीब 100 नए मिसाइल सिस्टम बाहर निकाल लिए हैं, जिससे उसकी मारक क्षमता में अचानक इजाफा हुआ है.

होर्मुज स्ट्रेट पर मंडराता खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि हथियारों का यह बड़ा जखीरा ‘होर्मुज स्ट्रेट’ के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. यह समुद्री रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है. न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि ईरान अपने क्षतिग्रस्त हथियारों की मरम्मत कर लेता है, तो वह बहुत जल्द अपने पुराने ड्रोन स्टॉक का 70% हिस्सा फिर से हासिल कर सकता है.


  • रूस ने भी दी चेतावनी
    इस बीच, रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव का बयान भी चर्चा में है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ यह युद्धविराम महज एक अस्थायी विराम हो सकता है. मेदवेदेव ने जोर देकर कहा कि ईरान ने साबित कर दिया है कि उसकी रणनीतिक ताकत, विशेषकर समुद्री रास्तों पर उसकी पकड़, आज भी मजबूत है.

    क्या इतिहास खुद को दोहराएगा?
    इतिहास गवाह है कि ईरान ने हमेशा होर्मुज स्ट्रेट को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है. 1980 के दशक में इराक युद्ध के दौरान उसने यहां बारूदी सुरंगें बिछाई थीं. हालांकि, अब ईरान की रणनीति बदल गई है. वह सुरंगों के बजाय आधुनिक ड्रोन और मिसाइलों से जहाजों को निशाना बनाने की ताकत रखता है.

    पिछले साल जब इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाया था, तब तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने संयम बरता था. लेकिन इस बार स्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं. युद्ध के शुरुआती दौर में ही खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान के नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया है. अधिकारियों का मानना है कि संख्या के सटीक आंकड़े भले ही स्पष्ट न हों, लेकिन ईरान के पास इतनी शक्ति बची है कि वह वैश्विक व्यापार मार्ग में बड़ी बाधा खड़ी कर सके.

    Share:

  • इस्लामाबाद में सड़कें सील, लॉकडाउन जैसे हालात...समझौते के लिए ट्रंप जा रहे पाकिस्तान?

    Sun Apr 19 , 2026
    इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में रविवार को अचानक सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. अमेरिका और ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर शहर में कई बड़े कदम उठाए गए हैं. हालांकि अभी तक अमेरिका, ईरान या पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर इस बैठक की पुष्टि नहीं की है, […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved