img-fluid

रुद्रप्रयाग : कल सुबह 8 बजे खुलेगा केदारनाथ धाम के कपाट, भक्तों का उमड़ा भारी हुजूम

April 21, 2026

नई दिल्ली. ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग (Eleventh Jyotirlinga) भगवान केदारनाथ (Lord Kedarnath) की यात्रा अपने सबसे पावन पड़ाव पर पहुंच चुकी है. बम-बम भोले के जयकारों और आर्मी बैंड की सुरीली धुन के बीच बाबा केदारनाथ (Baba Kedarnath) की पंचमुखी चल विग्रह (Five-Faced Processional Deity) उत्सव डोली अब केदारपुरी के बिल्कुल करीब है. केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले पूरी केदारपुरी को कई क्विंटल फूलों से किसी दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है.

फाटा से गौरीकुण्ड तक भक्ति का सैलाब
बाबा केदारनाथ की डोली सोमवार को फाटा से अपने सफर पर निकली और बड़ासू, शेरसी, रामपुर, सीतापुर होते हुए शाम करीब 4 बजे गौरीकुण्ड पहुंची. सोनप्रयाग से लेकर गौरीकुण्ड तक श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं और अक्षत के साथ बाबा की पालकी का जोरदार स्वागत किया.

सोमवार की रात बाबा की डोली ने गौरी माई मंदिर, गौरीकुण्ड में विश्राम किया. इससे पहले डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना होकर गुप्तकाशी पहुंची थी, जहां आर्मी बैंड की धुन ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया.


  • आज शाम धाम पहुंचेंगे बाबा, कल होगा महा-अभिषेक
    आज सुबह विशेष पूजा-अर्चना के बाद डोली गौरीकुण्ड से केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो चुकी है. हजारों की संख्या में पैदल यात्री इस डोली के पीछे-पीछे चल रहे हैं. उम्मीद है कि शाम तक डोली मंदिर परिसर में पहुंच जाएगी. वहीं, भक्तों की नजरें कल सुबह 8:00 बजे के उस ऐतिहासिक पल पर टिकी हैं, जब मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ मंदिर के कपाट आम जनता के लिए खोल दिए जाएंगे.

    पैदल मार्ग पर भारी जाम और अव्यवस्था
    आस्था के इस महाकुंभ में जहां जोश हाई है, वहीं व्यवस्थाएं पस्त नजर आ रही हैं. गौरीकुण्ड से केदारनाथ तक के संकरे पैदल मार्ग पर इस वक्त पैर रखने की जगह नहीं है. हजारों यात्रियों का हुजूम एक साथ आगे बढ़ रहा है, जिससे रास्ते में जगह-जगह भयंकर जाम की स्थिति बनी हुई है.

    यात्रा मार्ग पर सबसे बड़ी मुसीबत घोड़े-खच्चर बन गए हैं. इनकी बेतरतीब आवाजाही और संकरे रास्तों पर इनके कारण पैदल चल रहे यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. यात्रियों का कहना है कि पशुओं के दबाव के कारण जाम खुल नहीं रहा है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों की सांसें फूल रही हैं.

    केदारघाटी हुई शिवमय
    बेशक रास्ते कठिन हैं और जाम की चुनौती बड़ी है, लेकिन भक्तों का हौसला कम नहीं हुआ है. गुप्तकाशी से लेकर गौरीकुण्ड तक पूरा इलाका शिव के रंग में रंगा नजर आ रहा है.

    Share:

  • ‘स्काई स्नाइपर’ की एंट्री से बदलेगा हवाई खेल? भारत को मिल सकती है R-37M जैसी लंबी दूरी की घातक ताकत

    Tue Apr 21 , 2026
    नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की ताकत में जल्द बड़ा इजाफा हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने भारत को लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल R-37M missile की बिक्री को मंजूरी दे दी है। इसे दुनिया के सबसे खतरनाक और सटीक मिसाइल सिस्टम (missile system) में गिना जाता है। क्या है ‘स्काई […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved