
नई दिल्ली ।बॉलीवुड (Bollywood)के सुनहरे दौर में जब मोहम्मद रफी(Mohammed Rafi) और किशोर कुमार (Kishore Kumar)जैसे दिग्गज गायक एक साथ किसी गाने में अपनी आवाज देते थे, तो वह सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि इतिहास बन जाता था। ऐसा ही एक यादगार किस्सा फिल्म दोस्ताना (1980) से जुड़ा है, जिसमें अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा मुख्य भूमिकाओं में थे।
इस फिल्म के मशहूर डुएट गीत “सलामत रहे दोस्ताना हमारा” की रिकॉर्डिंग के दौरान स्टूडियो में एक दिलचस्प माहौल देखने को मिला। बताया जाता है कि मोहम्मद रफी समय पर स्टूडियो पहुंच गए थे और उन्होंने गाने की रिहर्सल भी पूरी तैयारी के साथ की थी। उनकी क्लासिकल और मधुर आवाज ने वहां मौजूद सभी लोगों को प्रभावित कर दिया था।
लेकिन जब किशोर कुमार स्टूडियो पहुंचे तो उन्होंने माहौल को गंभीर बनाने के बजाय हल्का-फुल्का कर दिया। वे रफी साहब के साथ मजाक-मस्ती करने लगे, जिससे कई लोगों को लगा कि वह गाने को लेकर गंभीर नहीं हैं। उस समय कई लोगों को लगा कि रफी साहब अपनी परफॉर्मेंस से बाजी मार लेंगे।
हालांकि, जैसे ही रिकॉर्डिंग शुरू हुई, पूरा माहौल बदल गया। पहले मोहम्मद रफी ने अपने हिस्से को बेहद खूबसूरती और गहराई के साथ गाया। लेकिन जब किशोर कुमार की बारी आई, तो उनकी आवाज ने स्टूडियो में मौजूद हर शख्स को हैरान कर दिया। उनकी गायकी में जो ऊर्जा, भाव और सहजता थी, उसने गाने को एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया।
संगीतकार पंडित रोनू मजुमदार के अनुसार, उस दिन दोनों ही दिग्गजों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन किशोर कुमार की आवाज में एक अलग तरह का जादू था, जिसने माहौल को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी परफॉर्मेंस को कई लोग उस दौर की सबसे यादगार रिकॉर्डिंग्स में से एक मानते हैं।
फिल्म दोस्ताना के अन्य गीत भी सुपरहिट साबित हुए और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन यह डुएट गाना आज भी इसलिए याद किया जाता है क्योंकि इसमें दो महान गायकों की अद्भुत टक्कर और संगीत की असली ताकत देखने को मिली।
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