
डेस्क: पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष को खत्म कराने के लिए ‘शांतिदूत’ बन रहे पाकिस्तान पर इजरायल फिर भड़का है और पड़ोसी मुल्क की मध्यस्थता को लेकर सवाल उठाए हैं. भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने दो-टूक कहा कि पाकिस्तान भरोसे के लायक नहीं है. उन्होंने इस्लामाबाद को परेशानी खड़ी करने वाला देश बताया.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष को खत्म करने के लिए पाकिस्तान बार-बार मध्यस्थता का दावा करता आया है. अमेरिका ने इसको स्वीकार भी किया, लेकिन यूएस के ‘दोस्त’ इजरायल ने ही पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर बार-बार सवाल खड़े किए हैं और उसे भरोसे के लायक नहीं बताया.
इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने मिडिल ईस्ट तनाव खत्म करने के लिए पाक की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ‘मध्यस्थता के लिए किसी ऐसे पक्ष की जरूरत होती है, जिस पर भरोसा किया जा सके. उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान के पास न ही मध्यस्थता करने की क्षमता है और न ही उस पर किसी तरह से भरोसा नहीं किया जा सकता है.’
अजार ने कहा, ‘पाकिस्तान का हमेशा से आतंकवाद और रूढ़िवादी ताकतों की ओर झुकाव रहा है. उन्होंने आगे कहा, अगर कट्टरपंथियों के समर्थक ही मध्यस्थता कराने वाले होंगे तो उसका क्या ही परिणाम निकल पाएगा. इजरायली राजदूत ने अमेरिका को भी पाकिस्तान जैसे देश से सावधान रहने और झांसे में न आने की नसीहत दी.’
इजरायली राजदूत ने यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामन नेतन्याहू के बीच किसी भी तरह की अनबन की खबरों को भी सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने साफ कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच सबकुछ ठीक है, जो लोग भी दोनों लीडर्स के बीच दूरियां देखने की उम्मीद में बैठे हैं उनको इंतजार करना होगा. अजार ने लेबनान संघर्ष को लेकर ट्रंप-नेतन्याहू के बीच हुई कथित बहस को ‘मैत्रीपूर्ण रणनीतिक मतभेद’ बताया और इसे लोगों की ओर से बढ़ा चढ़ाकर पेश करने की बात कही.
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