
भोपाल। राज्यसभा (Rajya Sabha) चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजनीति (Politics) में हलचल तेज हो गई है। भाजपा (BJP) के तीसरे उम्मीदवार मैदान में उतरने के बाद कांग्रेस (Congress) अब अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बाड़ेबंदी की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अपने विधायकों को दूसरे राज्य में शिफ्ट करने की रणनीति पर काम कर रही है।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी के साथ दिल्ली रवाना हुए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधायकों के प्रबंधन और संभावित शिफ्टिंग की व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए उन्हें अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। चर्चा है कि दिल्ली से उन्हें तेलंगाना भेजा जा सकता है, जहां कांग्रेस विधायकों को ठहराने की तैयारी कर रही है।
भाजपा की ओर से तीसरा प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने अपने सभी विधायकों से संपर्क बढ़ा दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार फोन पर बातचीत कर रहे हैं और विधायकों को भोपाल में रहने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी भी राज्यसभा चुनाव को लेकर सतर्क है। पार्टी हाईकमान मध्य प्रदेश में विशेष ऑब्जर्वर भेज सकता है, जो चुनाव तक विधायकों और संगठन की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल उम्मीदवार उतारने का मामला नहीं बल्कि विधायकों को प्रभावित करने की सुनियोजित कोशिश है। पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस का उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन मजबूती से चुनाव जीतेगी।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय और नेताओं के निवास पर लगातार बैठकों का दौर जारी है। जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विधायकों से व्यक्तिगत बातचीत कर रहे हैं। पार्टी की कोशिश है कि मतदान तक सभी विधायक एकजुट रहें और किसी भी तरह की राजनीतिक उठापटक की गुंजाइश न बचे।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved