
नई दिल्ली: बिहार (Bihar) में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों के बीच सम्राट चौधरी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने घोषणा की है कि अब पेपर लीक को संगठित अपराध की श्रेणी में शामिल किया जाएगा. अब तक पेपर लीक को संगठित अपराध नहीं माना जाता था. सरकार का कहना है कि समय के साथ अपराध का स्वरूप और उसे अंजाम देने का तरीका तेजी से बदल रहा है. हाल के मामलों में संगठित गिरोह, आधुनिक तकनीक और कई स्तरों पर फैले नेटवर्क की भूमिका सामने आई है.
सरकार के अनुसार, मौजूदा कानूनों को अधिक प्रभावी बनाने और ऐसे अपराधों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है. सरकार का कहना है कि पेपर लीक को संगठित अपराध की श्रेणी में शामिल करने का उद्देश्य ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त और व्यापक कानूनी कार्रवाई करना है.
इससे भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी. सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले के बाद पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल संगठित नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा. बता दें, NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहा है.
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